सिद्धार्थनगर : कोरोना संक्रमण के बीच सभी मान चुके हैं कि वैक्सीनेशन ही बचाव का माध्यम है। जिन्हें भी कोविड के टीका लगा उनमें से अधिकतर संक्रमित नहीं हुए, जो हुए वह शीघ्र स्वस्थ हो गए। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने टीका लगवाया और अब जागरूक कर रहे हैं। पं. शिव कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार हर नागरिक के हिफाजत की बात सोच रही है। बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन विकसित हुई तो उसे निश्शुल्क लगवाने के प्रबंध भी हैं। संक्रमण की इस घड़ी में सिर्फ टीकाकरण ही लोगों की जान बचा सकता है। हमने वैक्सिनेशन कराया। अपने यजमानों को भी वैक्सीन लगवाने की सलाह दे रहे हैं। कथा भागवत में कोविड गाइडलाइन का पालन करने की जरूरत है। अहमद फरीद अब्बासी ने कहा कि

कोरोना महामारी से पहले भी हैजा, टीबी, काली खांसी, चेचक जैसी जानलेवा बीमारियां फैली थीं। हमारे वैज्ञानिकों ने दवा इजाद कर रोग का अंत किया। आज इनका दायरा सीमित है। कोरोना को भी रोकने के लिए दवा बनी है। हमने अप्रैल माह में पहली डोज ली है। प्रत्येक नागरिक को चाहिए कि वैक्सीनेशन जरूर कराएं, इससे आप कोविड से बचे रहेंगे। कोविड गाइडलाइन का पालन करें, मास्क व फिजिकल दूरी की अनिवार्यता समझें। घर पर रहें और सुरक्षित रहें।

कारी जमीर इमाम का कहना है कि देश के वैज्ञानिकों ने बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन विकसित की है। संक्रमण की इस घड़ी में सिर्फ टीकाकरण ही लोगों की जान बचा सकता है। हमने बचाव के लिए वैक्सीन लगवाई। हर नागरिक से अपील है कि अपनी बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं। वैक्सीन लगवाने के बाद भी एहतियात बरतें। बिना मास्क लगाए कत्तई बाहर न निकलें। ऐसा करके आप खुद के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रख सकेंगे। डा. सुधीर वर्मा ने कहा कि कोरोना की भयावहता तभी समाप्त होगी जब सभी वैक्सीन लगवा लेंगे। मैंने लगवाया है किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। सभी पात्र इसे जरूर लगवाएं। कहा बुखार गले मे खरास, सूखी खांसी, बदन में दर्द, सिर में दर्द, स्वाद न मिलने, गन्ध न होने पर तुरंत खुद को अपनों से अलग करते हुए कोविड जांच कराएं, मौसमी फलों का अधिक सेवन करें। डिब्बा बंद खाने की वस्तुएं न उपयोग करें।