दीपावली पर 30 करोड़ रुपये से अधिक की बिकी मिठाई, सिद्धार्थनगर में जमकर हुई खरीदारी
दीपावली पर सिद्धार्थनगर में 30 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाइयों की बिक्री हुई, जिसमें खोए से बनी मिठाइयों की सर्वाधिक मांग रही।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दीपावली पर सिद्धार्थनगर में 30 करोड़ से अधिक की मिठाई बिकी।
खोए से बनी पारंपरिक मिठाइयों की मांग सबसे ज्यादा रही।
मिठाइयों पर सेवन की अंतिम तारीख अंकित नहीं मिली।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। दीपावली पर रविवार को जिले में मिठाइयों की खूब खरीदारी हुई। सुबह से देर रात तक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। जिले की तीन हजार से अधिक मिठाई की दुकानों पर अकेले पर्व के दिन 30 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का अनुमान है। खोए से बनी पारंपरिक मिठाइयों की मांग सबसे ज्यादा रही। इसके बाद मिश्रित मिठाइयां खरीदी गईं।
बाजार में खोए के अलावा अनाज, दाल, फल, मेवे और सब्जियों से तैयार मिठाइयां भी उपलब्ध थीं। ग्राहकों ने परिवार और परिचितों के लिए मिठाइयां खरीदीं। दुकानदारों के अनुसार, इस बार खोए की मिठाइयों की मांग अधिक रही। कारोबारियों ने मिठाइयों की शुद्धता का ध्यान रखने और ग्राहकों को ताजी मिठाइयां देने की बात कही।
सेवन की अंतिम तारीख अंकित करने के आदेश की अनदेखी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के निर्देश के बावजूद, अपवादों को छोड़कर अधिकांश दुकानों पर मिठाइयों की सेवन की अंतिम तारीख अंकित नहीं दिखी। 15 अक्टूबर से लागू व्यवस्था के तीन सप्ताह बाद भी इसका प्रभावी पालन नहीं हुआ।
मिष्ठान विक्रेताओं का कहना था कि सुबह से शाम तक मिठाइयां बिकने के कारण हर मिठाई पर अंतिम तारीख अंकित करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। उनके अनुसार, पहले इस व्यवस्था का पालन किया जा रहा था, लेकिन त्योहार पर बढ़ी मांग से दिक्कत हुई। उन्होंने दावा किया कि ग्राहकों को ताजी मिठाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।