मखाना खेती से किसानों को मिलेगी नई पहचान, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और उद्यान विभाग की संयुक्त पहल
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और उद्यान विभाग मिलकर सिद्धार्थनगर में मखाना की खेती को बढ़ावा देंगे। यह पहल किसानों को रोजगार के ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय मखाना खेती विस्तार में किसानों का करेगा सहयोग।
उद्यान विभाग संग मिलकर रोजगार और शोध पर कार्ययोजना बनेगी।
किसानों को मखाना उत्पादन, विपणन और आर्थिक लाभ की जानकारी।
जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। जिले में मखाना की खेती को विस्तार देने के लिए अब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय (सिवि) भी किसानों के साथ कदमताल करेगा। उद्यान विभाग की ओर से पहले से संचालित मखाना विकास योजना को विश्वविद्यालय का सहयोग मिलने से खेती के साथ शोध और विपणन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रेरित करने के साथ उत्पादन, लागत, बाजार और बेहतर विपणन व्यवस्था पर शोध करेंगे। इसके अलावा जिले में मखाना की खेती के लिए अनुकूल क्षेत्रों की पहचान भी की जाएगी।
दायरे को बढ़ाने की तैयारी
जनपद में मखाना विकास योजना के तहत पहले चरण में तीन हेक्टेयर तालाब क्षेत्र में चार से पांच किसान खेती कर रहे हैं। अब इस दायरे को बढ़ाने की तैयारी है। किसानों को मखाना की खेती से होने वाले आर्थिक लाभ, तकनीकी पहलुओं और बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए गांवों में जागरूकता चौपाल आयोजित करने की योजना है।
विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र किसानों को उपज के बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में प्रशासन का सहयोग करेंगे। विश्वविद्यालय में हाल ही में यूजीसी के संयुक्त सचिव गोविंद जायसवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की सहायक निदेशक सुमन शाह समेत अधिकारियों की टीम पहुंची थी।
कुलपति प्रो. कविता शाह और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के साथ हुई बैठक में शिक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर चर्चा हुई। इसी दौरान जिले में मखाना की खेती को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालय की सहभागिता बढ़ाने पर विचार हुआ।
सिवि और उद्यान विभाग बनाएंगे संयुक्त कार्ययोजना
मखाना की खेती के विस्तार के लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और उद्यान विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करेंगे। प्रारंभिक बैठक में किसानों को खेती से जोड़ने के लिए गांवों में चौपाल लगाने और अभियान में विश्वविद्यालय के छात्रों को शामिल करने पर सहमति बनी। सिवि में मखाना की खेती और इससे जुड़े आर्थिक पहलुओं पर शोध कार्य भी कराया जाएगा।
कृषि को बाजार से जोड़ने पर जोर वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष प्रो. सौरभ ने बताया कि यूजीसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई थी। एक जनपद एक व्यंजन योजना में चयनित मखाना की खेती को विस्तार दिया जाएगा।
इसके लिए सिवि के शिक्षक और छात्र किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ नए बाजार तलाशने में सहयोग करेंगे। उद्यान विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
किसानों को मखाना की खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इच्छुक किसानों को विभाग की ओर से निश्शुल्क बीज भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
-विमलकांत, जिला उद्यान अधिकारी
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