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अमेरिका के बाद अब यूरोप में पूर्णिया के मखाने की धूम, जर्मनी भेजे जाएंगे दो कंटेनर रोस्टेड मखाना

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:00 AM (IST)

पूर्णिया की स्थानीय कंपनी फार्म टू फैक्ट्री को जर्मनी से रोस्टेड मखाना के दो कंटेनर का बड़ा ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत 40 लाख रुपये है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

HighLights

  1. पूर्णिया के मखाना को जर्मनी से मिला बड़ा निर्यात ऑर्डर।

  2. फार्म टू फैक्ट्री कंपनी भेजेगी दो कंटेनर रोस्टेड मखाना।

  3. 40 लाख रुपये मूल्य का मखाना मुंबई से जर्मनी जाएगा।

मनोज कुमार, पूर्णिया। जल्द ही पूर्णिया से रोस्टेट मखाना की बड़ी खेप जर्मनी पहुंचेगी। इसके लिए स्थानीय कंपनी फार्म टू फैक्ट्री (चहक फूड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी को ऑर्डर मिला है। यह जर्मनी जाने वाली मखाना की बड़ी खेप है।

यह मखाना बाजार के लिए शुभ संकेत है। पूर्णिया का बाजार लगातार नया फलक प्राप्त कर रहा है। ब्रिक्स समिट में भी पूर्णिया का मखाना पहुंचा है और यहां के आचारी मखाना की खूब प्रशंसा भी हो रही है।

अब जर्मनी की एक कंपनी ने फार्म टू फैक्ट्री से संपर्क किया है तथा दो कंटेनर मखाना का ऑर्डर दिया है। कंपनी के डायरेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि पूर्णिया मखाना का बड़ा उत्पादक और निर्यातक बन गया है। जर्मनी में भी यहां के मखाना की मांग बढ़ी है। अगले दो पखवारे में दो कंटेनर पर तीन टन मखाना वाया मुंबई भेजा जाएगा।

स्टार्टअप योजना के तहत फार्म टू फैक्ट्री की स्थापना कर युवा उद्यमी मनीष कुमार ने मखाना उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाई है।

पहले कलस्टर में मखाना का उत्पादन शुरू करने के बाद अब यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना सिक्का जमा ली है। अब इस कंपनी का टर्न ओवर करोड़ों में है। पहले कंपनी पैकेट बंद मखाना का कारोबार करती थी लेकिन अब कंपनी ने रोस्टेड मखाना उद्योग में अपना पैर जमा लिया है।

कंपनी में अब कई फ्लेवर में मखाना तैयार होता है, जिसकी यूरोपीय देशों में डिमांड बढ़ी है। मनीष कुमार ने बताया कि कंपनी में फिलहाल मखाना क्रीम ओनियन, मखाना पंजाबी तड़का, पेरी-पेरी, हिमालयन साल्ट एंड पेपर एवं एशियन पेपर एंड साल्ट फ्लेवर में डिब्बा बंद मखाना तैयार होता है।

कंपनी पहले युएसए, कनाडा आदि देशों में अधिक मखाना भेजती थी लेकिन अमेरिका की नई टेरिफ नीति के बाद अपनी रणनीति बदली है। मनीष कुमार ने बताया कि अब उनके मखाना की मांग युरोपीय देशों और युएई में बढ़ी है।

खाड़ी देशों को भेजा जा रहा मखाना

बताया कि पिछले माह उन्होंने डाक पार्सल एवं कंटेनर के माध्यम से खाड़ी देशों में मखाना भेजा था। खाड़ी वार के बाद सिंगापुर, ब्रिटेन, जर्मनी में व्यापार बढ़ाया है।

बताया कि जर्मनी में हाल के दिनों में यहां के मखाना की डिमांड काफी बढ़ी है। बताया कि गत माह वहां 10 क्विंटल मखाना भेजा था जिसके बाद वहां से बड़ा आर्डर मिला है। जर्मनी से अगले माह दो कंटेनर मखाना की मांग भेजी गई है।

15 दिनों के अंतराल में दो कंटेनर यानि तीन टन मखाना भेजा जाएगा। बताया कि 40 फीट के कंटेनर मेें डेढ टन से अधिक मखाना आता है। दो खेप में तीन टन मखाना जर्मनी भेजा जाएगा जिसके लिए एडवांस राशि भेजी गई है।

बताया कि दो कंटेनर मखाने की कीमत इंडियन करेंसी में 40 लाख रुपये है। जर्मनी में यह अच्छी कीमत में बिकती है। बताया कि मखाना यहां से मुंबई पोर्ट भेजा जाएगा जहां से इसे जर्मनी भेजा जाएगा।

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