सिद्धार्थनगर के इस गांव में लंगूर के डर से लोग नहीं चलाते ट्रैक्टर, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
सिद्धार्थनगर के हसवापार गांव में एक आक्रामक लंगूर ने ग्रामीणों और बच्चों पर हमला कर दहशत फैला दी है। पिछले ...और पढ़ें

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HighLights
हसवापार गांव में आक्रामक लंगूर का आतंक जारी।
पिछले दस दिनों में छह ग्रामीण और बच्चे घायल।
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर लंगूर पकड़ने की मांग की।
संवाद सूत्र, सिद्धार्थनगर। हसवापार में ट्रैक्टर की आवाज सुनते ही आक्रामक होने वाला लंगूर अब बच्चों और ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। पिछले दस दिनों में छह लोगों को घायल कर चुके लंगूर के आतंक से गांव में दहशत है। शनिवार को 18 वर्षीय नीरज लोधी पुत्र बालगोविंद पर हमले के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रधान के घर पर प्रदर्शन कर लंगूर को पकड़ने की मांग की और कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई महीनों से काले मुंह वाला लंगूर हसवापार और आसपास के गांवों के सिवान में घूम रहा है। ट्रैक्टर की आवाज सुनते ही वह दौड़कर पहुंचता है और चालक की सीट पर चढ़कर हमला करने लगता है। उसके डर से चालक वाहन छोड़कर भागने को मजबूर हो जाते हैं।

अब तक जुगेश लोधी, अजय मौर्य, दिनेश, रोहित और कल्लू भी उसके हमले में घायल हो चुके हैं। नीरज की जांघ में गंभीर चोट लगने पर कई टांके लगाने पड़े थे। गोनहाताल निवासी वेद साहनी ने बताया कि हाल ही में धान की दौनी के दौरान ट्रैक्टर की आवाज सुनकर लंगूर पहुंच गया और सीट पर बैठ गया। उसे देखकर चालक भाग निकला। बाद में ग्रामीणों ने लाठी-डंडों की मदद से उसे भगाया।
अब बच्चों पर हमले की घटनाओं ने खतरा और बढ़ा दिया है। प्रदर्शन में घनश्याम, हरिश्चंद्र, कमलेश, पंकज, सुदामा, अजय, श्यामलाल, राजेंद्र, गणेश, मन्नू और रामवृक्ष सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। खंड विकास अधिकारी चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि संबंधित सचिव को लंगूर पकड़वाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
