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सिद्धार्थनगर में 20 साल से कटान का दंश झेल रहा संगलदीप, अब 4.67 करोड़ की परियोजना से जगी उम्मीद

Published: Sun, 31 May 2026 09:48 AM (IST)

सिद्धार्थनगर का संगलदीप गांव 20 साल से राप्ती नदी की कटान झेल रहा है, जिससे कई घर और जमीनें नष्ट ...और पढ़ें

नौडिहवा में बानगंगा नदी आबादी के पास कटान कर रही। जागरण

नौडिहवा में बानगंगा नदी आबादी के पास कटान कर रही। जागरण

HighLights

  1. संगलदीप गांव 20 साल से राप्ती नदी की कटान से प्रभावित।

  2. ₹4.67 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य शुरू किया गया।

  3. मानसून से पहले परियोजना पूरी करने की चुनौती बनी हुई है।

संवाद सूत्र, जोगिया, (सिद्धार्थनगर)। हर बरसात के साथ अपना अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ने वाला संगलदीप गांव इस बार भी मानसून की दस्तक से पहले चर्चा में है। पिछले 20 वर्षों में राप्ती नदी की कटान गांव के 15 घरों और दो दर्जन से अधिक किसानों की उपजाऊ जमीन को निगल चुकी है।

पिछले वर्ष भी एक मकान नदी में समा गया था। वर्षों की इस पीड़ा के बाद पहली बार सिंचाई निर्माण खंड ने बड़े पैमाने पर कटानरोधी कार्य शुरू कराया है। हालांकि ग्रामीणों के बीच राहत के साथ-साथ इस बात को लेकर भी चिंता है कि मानसून सिर पर है और परियोजना का बड़ा हिस्सा अभी अधूरा पड़ा है।

सिंचाई निर्माण खंड द्वारा लगभग 4.67 करोड़ रुपये की लागत से संगलदीप के संवेदनशील तट पर 10 डैपनर (स्पर) का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 600 मीटर लंबाई में चल रहे इस कार्य का उद्देश्य नदी की धारा को नियंत्रित कर गांव, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को कटान से बचाना है।

परियोजना के तहत स्लोप पिचिंग और अपरन निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बचाव कार्य अप्रैल माह से शुरू हुआ था और विभाग ने इसे पूरा करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की है। लेकिन वर्तमान स्थिति में 30 प्रतिशत से अधिक कार्य अभी भी बाकी है।

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ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जब सामान्य तौर पर जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून सक्रिय हो जाता है तो परियोजना की समयसीमा 30 जून क्यों तय की गई। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो बरसात शुरू होने के बाद निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।

झिनक, नरपत, शैलेश और अखिलेश ने बताया कि वर्षों से कटान के कारण लोग भय में जीवन जी रहे हैं। इस बार कार्य शुरू होने से उम्मीद जगी है, लेकिन इसे समय से पूरा कराना जरूरी है। सहायक अभियंता संदीप गुप्ता ने बताया कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि मानसून के दौरान बाढ़ और कटान के खतरे से गांव को सुरक्षित रखा जा सके। हालांकि मानसून नजदीक होने के कारण विभाग के सामने समय पर कार्य पूरा करना बड़ी चुनौती भी माना जा रहा है।


संगलदीप में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। विभाग तेजी से काम करा रहा है और 30 जून तक परियोजना पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। डैंपनर बनने के बाद नदी की धारा नियंत्रित होगी और कटान रुकने से गांव को स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी।

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-सतीश सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड