बस्ती मंडल में जल जीवन मिशन की परियोजनाएं चोरी और विवादों में फंसी, मंडलायुक्त नाराज
बस्ती मंडल में जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाएं चोरी और विवादों के कारण अटकी हुई हैं, जिससे गर्मी में ...और पढ़ें

परियोजना स्थल पर लगा बोर्ड। जागरण
HighLights
जल जीवन मिशन परियोजनाएं चोरी, विवादों से बाधित।
मंडलायुक्त ने खराब प्रगति पर जताई नाराजगी।
डीएम, विभागों को अवरोध दूर करने के निर्देश।
ब्रजेश पांडेय, बस्ती। बस्ती मंडल में पेयजलापूर्ति की योजनाएं चोरी की घटनाओं और विवाद में लटकी हुई हैं। उम्मीद थी कि विभाग गर्मी से पहले इन योजनाओं का चालू करा देगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कहीं पाइप लाइन फेल है तो कहीं कार्य अधूरे लटके हैं। कुछ जगहों पर विवाद की स्थिति भी सामने आई है।
कहीं जाने का रास्ता नहीं है तो कहीं एक वर्ष से काम लटका हुआ है। चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन उसको लेकर मुकदमा भी दर्ज नहीं कराए जा रहे हैं। गतिरोध की सूचनाएं सिर्फ देकर विभाग पल्ला झाड़ ले रहा है। इसमें विभागीय उपेक्षा आडे़ आ रही है।
मंडल स्तर पर बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में कार्य की प्रगति के बारे में बीते सात मई को हुई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि संबंधित कंपनियां अपने सामानों की सुरक्षा भी नहीं कर पा रही हैं। कई जगहों पर गतिरोध है। इसे लेकर आयुक्त अखिलेश सिंह ने संबंधित कार्यदायी संस्था पर नाराजगी जताई है। उन्होंने तीनों जनपद के जिलाधिकारियों और अधिशासी अभियंताओं पत्र लिखकर अवरोध समाप्त कराने का निर्देश दिया है।
दरअसल, सच्चाई यह है कि जिन कंपनियां को मंडल के तीनों जिलों में कार्य मिला है, उन्होंने उस कार्य को स्थानीय ठीकेदारों में बांट दिया है। ठीकेदार भी तीसरे से काम ले रहे हैंं। घटिया सामग्री के प्रयोग की शिकायतों से पाइप लाइन टेस्टिंग में कई जगहों पर फेल होते गए और विभाग उसे संचालित दिखाता रहा। ऐसे में सामानों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है।
दो वर्ष पहले रखौना पुलिस चौकी के सामने से 13 सोलर पैनल चोरी हो गए थे। विभाग ने तहरीर नहीं दिया तो पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। परशुरामपुर के रिधौरा ग्राम पंचायत में भूमि विवाद के चलते कार्य बाधित है। वहां सिर्फ बोरिंग किया गया है। साऊंघाट ब्लाक के बटेला ग्राम पंचायत में सोलर पंप और ओवरहेड टैंक बनने थे, यह योजना पूरी दिखा दी गई।
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यह भी बता दिया गया कि 1830 लोग लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि यहां के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। साऊंघाट के सरैया में एक वर्ष से जलापूर्ति बंद है। ग्राम प्रधान हरेन्द्र कुमार का कहना है कि हमने इसकी आन लाइन शिकायत भी शासन स्तर तक दर्ज कराया था, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जब भी अधिकारियों से बात की जाती है तो वह बजट का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सर्वाधिक चोरी की संतकबीर नगर की सामने आई हैं। सिद्धार्थनगर में भी चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अधिकारी मुकदमा दर्ज कराने के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते।
शासन की मंशा है कि गर्मी में नागरिकों को पेयजल की कोई दिक्कत न हो।जहां पर मामूली कारणों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, उसपर विभाग को ध्यान देना चाहिए। नियमित जलापूर्ति कराने के लिए जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभाग को पत्र लिखे गए हैं। अस्थाई बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
