सिद्धार्थनगर : लोक निर्माण विभाग अपनी कार्यशैली को हमेशा चर्चा में रहा है। इन दिनों करोड़ों की लागत से तहसील मुख्यालय से जिला को जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण पांच दशक पुराने पुलों पर हो रहा है। जर्जर पुलों पर हो रहे इस निर्माण से लोगों में भय व्याप्त है।

सोनहटी से बांसी तक 27 किमी सड़क जो पहले 3.75 मी. चौड़ी थी अब लगभग 29 करोड़ की लागत से 7 मीटर चौड़ी हो रही है। लोकनिर्माण विभाग के मार्फत बन रहे इस मार्ग पर दर्जन भर पुल भी हैं। अबतक दो किमी लेपन हो चुका जिसके दायरे में दो पुल हैं। सुहेलवा गांव के सामने बना पुल पांच दशक पुराना है तथा देखने में ही जर्जर दिखता है। यहां मरम्मत की जगह लेपन कार्य करा दिया गया। गांव के 65 वर्षीय पाटन कहते हैं 50 वर्ष पहले उक्त पुल का निर्माण हुआ था। 60 वर्षीय राम देव कहते हैं सड़क तो चौड़ी हो गई परन्तु पुल पुराना होने से कब भारी वाहनों के भार से दब जाएं कोई पता नहीं। 70 वर्षीय राम नवल कहते हैं जब इतना पुराना पुल है तो तोड़कर नया पुल बनना चाहिए। गांव के ही शिव कुमार दुबे कहते हैं कि विभाग को सड़क चौड़ीकरण के पहले ही नया पुल बनाकर ही लेपन करना चाहिये। सड़क बनने से बड़े वाहनों का आवागमन बढ़ेगा जिससे पुल के ढहने का खतरा बन गया है। लोनिवि के अवर अभियंता रवि प्रकाश ने कहा कि जो पुल जर्जर हैं उन्हें फिर से बनाया जाएगा। मरम्मत योग्य जो हैं उनकी मरम्मत कराकर सुदृढ़ कराया जाएगा।

Posted By: Jagran

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