सिद्धार्थनगर : कोविड-19 की रोकथाम के लिए अब तक धर्मल स्क्रीनिग व स्क्रीनिग में पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगाई जा सकेगी। सचिव स्तर से इस आशय के आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस कार्य में अन्य विभाग के कर्मचारियों अथवा आउटसोर्सिंग से उपलब्ध मानव संसाधन को प्रशिक्षित कर यह कार्य लेना सुनिश्चित किया जाए।

कोरोना महामारी में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता चिकित्सकीय कार्यों में बढ़ गई है। प्रदेश में पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या सीमित है। बीमारी में उनकी जरूरत को देखते हुए शासन ने यह निर्णय लिया है, कि उन्हें धर्मल स्क्रीनिग कार्य से मुक्त रखा जाए, जिससे वह संक्रमितों के इलाज में अपना योगदान दे सकें। सचिव वी हेकाली झिमोमी ने 24 जुलाई को इस आशय के आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवगत कराया है। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि कोरोना जांच में पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी न लगाएं। इस कार्य में अब अन्य महकमे के कर्मियों अथवा आउटसोर्सिंग से उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन की मदद ली जाए। बेवां सीएचसी अधीक्षक डा. बीएन चतुर्वेदी ने बताया कि इस आदेश के बाद अब फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन की ड्यूटी थर्मल स्क्रीनिग कार्य में नहीं लगाई जाएगी।

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