सिद्धार्थनगर: कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। बावजूद इसके लोग बेपरवाह बने हुए हैं। बाजारों-कस्बों में ही नहीं, सरकारी दफ्तरों में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। बीएसए कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, सीएमओ कार्यालय समेत अन्य दफ्तरों में भी लापरवाही चरम पर है। दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी मास्क एवं सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। बाहर से आने वाले लोग भी बिना मास्क लगाए अधिकारियों के कमरों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में संक्रमण के और बढ़ने का अंदेशा पैदा हो गया है। जिम्मेदारों को भी यह लापरवाही शायद नहीं दिखती।

केस-एक, बीएसए कार्यालय :

कार्यालय के बाहर कई स्टाफ एवं शिक्षक बिना मास्क लगाए व दूरी का ख्याल रखे आपस में बात करते हुए मिले। इन्हें रोकने- टोकने वाला कोई नहीं था। आपस में बातचीत कर रहे लोगों को शायद कोरोना के भयावह संक्रमण का अंदाजा नहीं है।

केस-दो, सीएमओ कार्यालय

आम लोगों को मास्क लगाकर चलने एवं दो गज की दूरी के साथ बार-बार हाथ सैनिटाइज करने की सलाह दे रहा है। लेकिन सीएमओ कार्यालय में ही इसका पालन नहीं हो रहा है। शुक्रवार को एक कक्ष में स्टाफ बिना मास्क लगाए कार्य करते दिखे। कुछ दिन पहले यहां गेट पर ही सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता था, लेकिन अब यहां भी लापरवाही दिख रही है।

केस-तीन, तहसील कार्यालय नौगढ़ : तहसील कार्यालय में एक साथ 12 लोग बैठकर विभागीय कार्य निपटाते मिले, किसी ने न तो मास्क लगाया था और नहीं ही दो गज दूरी का ही पालन करता नजर आया। यहां प्रत्येक कार्यदिवस में सैकड़ों लोग विभिन्न समस्याओं को लेकर आते हैं। यह लापरवाही कब भारी पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि जिले के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके कार्यालय में कोई भी कर्मचारी बिना मास्क पहने न आए। कोविड नियमों का पालन जरूरी है। बाहर से भी कोई आ रहा है तो सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाए। इसकी जांच भी कराई जाएगी। यदि कोई बिना मास्क के मिला तो सख्त कार्रवाई होगी।

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