सिद्धार्थनगर : भारतीय सीमा से सटे पड़ोसी देश नेपाल में पहाड़ी इलाकों पर गरीबी व अशिक्षा की वजह से महिलाओं व बच्चों की तस्करी का मामला सीमा पर वर्षो से फलफूल रहा है। दोनो देश के खुफिया एंजेंसी व एसएसबी जवानों की सक्रिय भूमिका से कई बार हृयूमन ट्रैफ¨कग का मामला पकड़ में आया है। इसको राष्ट्र व समाज हित में रोकना बेहद जरूरी है। एसएसबी कैंप खुनुवा बीओपी में रविवार को ग्रामीण महिला रोजगार प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक डॉ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव द्वारा विभिन्न एसएसबी कैंपों से आए जवानों को सीमा पर मानव तस्करी रोकथाम संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।

खुनुवा एसएसबी बीओपी पर अलीगढ़वा, ककरहवा, धनौरा, कोटिया से आए जवानों को मानव तस्करी रोकथाम प्रशिक्षण में संस्था के निदेशक डॉ श्रीवास्तव ने एंटी हृयूमन ट्रैफ¨कग पर आंतरिक एवं अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी पर रोकथाम विषय पर विस्तार से जानकारी देकर जागरुक किया। उन्होने कहां की यह विश्व का तीसरा सबसे बडा संगठित अपराध है। इस अपराध से पूरी दुनिया प्रभावित है। बदलते समय के अनुसार मानव तस्कर भी विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहे है। इस कारण बड़े-बड़े मामले पकड़ में नहीं आते है। खुली सीमा का फायदा मानव तस्कर भरपूर उठा रहे है। ऐसे में सभी एजेंसियों का आपसी समन्वय होना बहुत जरुरी है। इससे निश्चित ही मानव तस्करी व तस्कर पर शिकंजा कसना सरल होगा। जिले से आए एसएसबी निरीक्षक श्रीनिवास मीना ने संस्था के निदेशक डॉ श्रीवास्तव व सहयोगी प्रमोद कुमार चौधरी के द्वारा मानव तस्करी रोकथाम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, चांद नश्कर, मुख्य आरक्षी हाजी बाशा, राकेश कुमार, बलराज कुमार, ए साथिया राज, मनोज चौधरी आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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