नेपाल में पर्यटन को रफ्तार देने की कवायद, भारतीय पर्यटकों को लुभाने में जुटे भारत-नेपाल के व्यवसायी
भोटेकोशी बाढ़ के बाद नेपाल के पर्यटन स्थलों को लेकर बनी नकारात्मक धारणा दूर करने के लिए भारत और नेपाल ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।
HighLights
भोटेकोशी बाढ़ से बनी नकारात्मक धारणा दूर करने की पहल।
भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए भारत-नेपाल व्यवसायी एकजुट।
लुंबिनी सहित प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षित पर्यटन का संदेश।
जागरण संवाददाता, शोहरतगढ़। भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद नेपाल के पर्यटन स्थलों को लेकर भारत में बनी नकारात्मक धारणा दूर करने के लिए दोनों देशों के पर्यटन व्यवसायियों ने पहल तेज कर दी है। भारतीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
बाढ़ के बाद नेपाल के सभी पर्यटन स्थल प्रभावित होने की अफवाह से भारतीय पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद कर दी थी। इससे पर्यटन कारोबार को काफी नुकसान हुआ। अब नेपाल के रुपन्देही, नवलपुर और चितवन के पर्यटन व्यवसायी भारतीय टूर आपरेटरों, निवेशकों, पत्रकारों और ब्लागरों को आमंत्रित कर रहे हैं।
लुंबिनी होटल संघ और उत्तर-पूर्व भारतीय पर्यटन महासंघ के बीच आठ राज्यों में पर्यटन प्रचार को लेकर समझौता भी हुआ है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल को लुंबिनी, तिलौराकोट सहित प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया गया। गैरआवासीय नेपाली संघ की पहल पर नेपाल-इंडिया क्रास बार्डर टूरिज्म कनेक्ट अभियान के तहत भारत के विभिन्न शहरों से 23 ट्रैवल एजेंट, ब्लागर और पर्यटन प्रतिनिधि नेपाल पहुंचे हैं।
कार्यक्रम संयोजक सोम सापकोटा ने बताया कि नेपाल के अधिकांश पर्यटन स्थल सुरक्षित हैं। वहीं, इंडो-नेपाल टूरिज्म वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक डा. जतिंदर पाल सिंह ने भारतीय पर्यटकों को नेपाल आने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
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