श्रावस्ती: धारा बदल रही राप्ती नदी के तेवर उग्र हैं। जमुनहा तहसील क्षेत्र के परसिया गांव के पास लगभग 600 बीघा कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में लेने के बाद नदी ने तटबंध को भी लील लिया। लगभग सौ मीटर तटबंध कटने से आसपास के गांव नदी के निशाने पर आ गए हैं। जलस्तर बढ़ा तो तटवर्ती गांव जलमग्न हो जाएंगे। तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन तटबंध को बचाने में असफल रहा। भवानीनगर के परसिया गांव के पास राप्ती नदी का कहर थमने नाम नहीं ले रहा है। कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से पेड़ की टहनियां व ईंट के टुकड़ों से भरी बोरियां डाली जा रही हैं, लेकिन नदी के तेवर उग्र बने हुए हैं। सौ मीटर तक तटबंध नदी की धारा में विलीन हो चुका है। अब राप्ती खेतों को अपने आगोश में ले रही है। आसपास के किसान खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। अपनी आंखों के सामने फसल लगे खेतों को नदी में विलीन होते देख किसान मन मसोस कर रह जा रहे हैं। बाढ़ खंड की ओर से कटान को रोकने के लिए किए गए सारे प्रयास धरे के धरे रह गए। नदी पूरे बेग से गांव की ओर बढ़ रही है।

इनसेट समय रहते होती कोशिश तो बच जाता तटबंध तटबंध को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से समय रहते ठोस कदम उठाए गए होते तो इसे कटने से बचाया जा सकता था। ग्रामीण शिवकुमार, मातबर प्रसाद, केदार वर्मा, बदलू राम कहते हैं कि तटबंध जब नदी की धारा में समाहित होने लगा तब इसे बचाने के लिए कोशिश शुरू हुई। नदी के उग्र रूप धारण करने के साथ ही बचाव कार्य शुरू होते तो तटबंध को कटने से बचाया जा सकता था।

इन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा तटबंध कट जाने के बाद आसपास के परसिया, भवानीनगर व नीबाभारी गांव नदी के मुहाने पर आ गए हैं। इन गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण बताते हैं कि यदि राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो उनके घर तबाह हो जाएंगे। राप्ती की कटान व बाढ़ में तबाही की आशंका से ग्रामीण काफी भयभीत दिख रहे हैं। धारा बदलने से नदी तेजी से कर रही कटान

रघुनाथपुर के विसंभरपुर गांव के करीब दो किलोमीटर मीटर उत्तर दिशा में राप्ती नदी बह रही थी। इस वर्ष नदी तेजी से धारा बदल रही है। इसके चलते नदी विसंभरपुर व भिनगा तहसील क्षेत्र के रेहरापुरवा गांव की ओर कटान करते हुए तेजी से बढ़ रही है। विशंभरपुर के पास कटान करती हुई नदी की धारा टकराने के बाद दूसरे छोर पर बसे परसिया गांव के पास भी नदी कटान कर रही है।

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