संवादसूत्र, श्रावस्ती: हड़बड़ाहट में लागू की गई किसान सम्मान योजना गले का फांस बनती नजर आ रही है। कार्यक्रम की शुरुआत होने के बाद बड़ी संख्या में किसानों के मोबाइल फोन पर धनराशि दिए जाने का संदेश और शुभकामना दी गई। यह राशि मोबाइल संदेश तक ही सीमित है। बैंक के चक्कर लगाकर थक चुके किसान अब कृषि विभाग में अपने हिस्से का पैसा खोज रहे हैं।

किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में एक लाख 22 हजार 340 किसानों को पात्र पाया गया था। 24 फरवरी को पहले चरण में जिले के 37 हजार 288 किसानों के बैंक खाते में सात करोड़ 45 लाख 76 हजार रुपये भेजे गए थे। पीएम की शुभकामना के साथ इस धनराशि का संदेश किसानों के मोबाइल नंबर पर दिया गया। इनमें से अधिकांश किसानों के बैंक खाते में पैसा पहुंचा ही नहीं है। किसानों ने बताया कि बैंक कर्मी कहते हैं कि कृषि विभाग से संपर्क करो और कृषि विभाग के लोग धैर्य रखने की सलाह देकर वापस भेज देते हैं। कृषि विभाग के उप निदेशक जसपाल का कहना है कि किसानों से जो सूचनाएं मिली हैं, उनमें कुछ कमियां रह गई हैं। उन्हें ठीक कराकर धनराशि को किसानों के बैंक खाते में भेजा जा रहा है।

Posted By: Jagran