श्रावस्ती : एसससबी कमांडेंट रवींद्र कुमार राजेस्वरी के नेतृत्व 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल भिनगा व सीमा चौकी की ओर से अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर जागरूकता अभियान चलाया गया। कस्बों व गांवों में रैली निकाल लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कमांडेंट ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन शरीर के लिए हानिकारक है।

कमांडेंट ने कहा कि जागरूकता अभियान का संदेश नशे से आजादी को देश के सभी नागरिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रैली निकाल कर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग व अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। जवानों को मादक पदार्थों से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आत्मबल ही युवाओं की पूंजी हैं। नशा करने वाले व्यक्ति में आत्मबल की कमी हो जाती है। नशे में डूबा व्यक्ति अपने कृत्यों से अपना ही नहीं दूसरों को भी नुकसान पहुंचाता है। ड्रग्स समेत अन्य नशा करने से कई प्रकार की घातक बीमारी होती है। इसकी वजह से कलह होने से परिवार भी बिखर जाता है। उप कमांडेंट योगिदर सिंह, उप कमांडेंट (चिकित्सा) डा. अजीत, सहायक कमांडेंट पंचानन, निरीक्षक संचार सुरेश कुमार मौजूद रहे। इसी प्रकार एफ कंपनी समवाय गुर्जर गौरी, भचकाही व सी कंपनी सुइया के कार्य क्षेत्र रावलपुर, बनकटी व भचकाही गांव में जागरूकता रैली निकाली गई। एफ कंपनी सुइया के प्रभारी रघुवीर शर्मा ने कहा कि नशा नाश की जड़ है। यह समाज को दूषित करता है। उपनिरीक्षक निरीक्षक (सामान्य) विशनदत्त कश्यप, सहायक उपनिरीक्षक (सामान्य), मुख्य आरक्षी सामान्य हेम राज, रामदेव, अवधेश यादव ने सीमा क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ रैली निकाल कर गली-मुहल्लों का भ्रमण किया। ग्रामीणों को नशे की लत से दूर रहने के लिए जागरूक किया।

नशा मुक्ति के लिए चलाया हस्ताक्षर अभियान : अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर स्वास्थ्य विभाग व सामाजिक संस्था गुलिस्तां सामुदायिक विकास समिति की ओर से संयुक्त रूप से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों ने नशा मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेते हुए इस अभियान से सहमति जताई और हस्ताक्षर किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी राकेश रमन, परामर्शदाता जीतेंद्र कुमार मिश्र मौजूद रहे।

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