308 पहियों वाला 'महाबली' ट्रक श्रावस्ती पहुंचने पर थम गया शहर का ट्रैफिक, 200 टन की मशीन देखने के लिए बेताब हुए लोग
बेल्जियम से लाई गई एथेनॉल बनाने वाली 200 टन वजनी मशीन को लेकर 308 पहियों वाला 'महाबली' ट्रक श्रावस्ती से गुजरा।

गिलौला स्थित बौद्ध परिपथ से गुजर रहा 308 पहियों वाला महाबली ट्रक को देखते लोग
HighLights
बेल्जियम से आई एथेनॉल मशीन श्रावस्ती से गुजरी।
308 पहियों वाले महाबली ट्रक पर लदी थी मशीन।
25 अक्टूबर तक लखीमपुर खीरी पहुंचेगी विशाल मशीन।
संवाद सूत्र, श्रावस्ती। एथेनॉल बनाने के लिए बेल्जियम से लाई गई मशीन रविवार को श्रावस्ती जिले से गुजरी। 308 पहियों वाले महाबली ट्रक पर लदी मशीन को देखने के लिए बौद्ध परिपथ पर लोगों का रेला उमड़ पड़ा।
कोई मोबाइल से तस्वीरें खींचते तो कुछ विशालकाय ट्रक के साथ सेल्फी लेने में जुटा रहा। असाधारण आकार के इस ट्रक के सुरक्षित गुजरने के लिए पुलिस जगह-जगह मुस्तैद रही। मार्ग पर यातायात सुचारु रखने के लिए करीब दो घंटे पहले ही सड़क खाली करा दी गई।
200 टन वजन की यह विशालकाय मशीन बेल्जियम में तैयार की गई औद्योगिक मशीनरी का हिस्सा है। इसे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल परिसर में स्थापित किए जा रहे संयंत्र के लिए ले जाया जा रहा है।
25 अक्टूबर को मंजिल तक पहुंचेगा
मशीन को समुद्री मार्ग से ओडिशा के पारादीप बंदरगाह लाया गया। यहां से विशेष हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर पर लादकर इसे झारखंड, बिहार प्रदेश होते हुए उप्र के चंदौली, वाराणसी और पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से होकर ट्रक बलरामपुर-श्रावस्ती होते हुए अपने गंतव्य लखीमपुर की ओर बढ़ रहा है।
रास्ते की चौड़ाई, ऊंचाई और यातायात के मद्देनजर तकनीकी टीम मौजूद रही। श्रावस्ती में भी महाबली ट्रक लोगों के कौतूहल का केंद्र बना रहा। यह मशीन 25 अक्टूबर तक बलरामपुर चीनी मिल पहुंचेगी। इसे यहां बन रहे 3080 करोड़ रुपये के औद्योगिक बायोपालिमर प्लांट में लगाया जाएगा।
