शामली, जेएनएन। ठंड का प्रकोप कम नहीं हो रहा है और न सूर्यदेव के दर्शन हो पा रहे हैं। शनिवार को कोहरे से निजात रही, लेकिन शीतलहर ने हाड़कंपाए रखे। शाम को ठंड बढ़ गई और हाथ-पांव कमरों के भीतर भी सुन्न हुए जा रहे थे। तापमान अधिकतम 12.7 और न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा।

12 दिन पहले मौसम का मिजाज बदला था। कई दिन तक बारिश हुई थी और फसलों को भी काफी नुकसान हुआ था। बारिश तो काफी दिन से नहीं हुई है, लेकिन बादलों से आसमान घिरा ही हुआ है। धूप नहीं निकलने से भी ठंड का अहसास अधिक है और शीतलहर का प्रकोप भी बना ही हुआ है। अलाव से दूर जाते ही हाथ-पांव सुन्न हुए जा रहे थे। बर्फीली हवा हाड़कंपा रही थी। शाम को ठिठुरन और अधिक बढ़ गई। बाजारों में शाम को जल्द ही सन्नाटा सा पसर गया। हालांकि सूप, फास्ट फूड की दुकानों पर रात तक रौनक रही। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया कि नियमित रूप से शहर में निर्धारित स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है। रैन बसेरे में रात में लोग आ रहे हैं। महिलाओं और पुरुषों के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था है।

वहीं, मौसम के इस मिजाज से आलू की फसल में नुकसान बढ़ता ही जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने बताया कि आलू में अगेती झुलसा रोग काफी अधिक फैल गया ह। लगातार किसान संपर्क कर रहे हैं। धूप काफी दिन से नहीं निकली है और पिछले दिनों बारिश भी हुई थी। ऐसे में पछेती झुलसा रोग की आशंका भी बहुत अधिक बढ़ गई है।

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