शामली, जेएनएन। थानाभवन क्षेत्र में निर्धारित समय पर गन्ना भुगतान न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को 14 दिन में गन्ना भुगतान का वादा भी पूरा नहीं किया जा रहा है। हालत यह है कि नया पेराई सत्र शुरू हो चुका है। पिछले वर्ष का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। समय पर भुगतान न होने के चलते किसान अपने बच्चों की शादी, स्कूल की फीस, बिजली का बिल व अपनी गंभीर बीमारियों का इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं।

विश्व प्रताप सिंह निवासी यारपुर का गन्ना भुगतान को लेकर कहना है कि गन्ना मंत्री के गृह नगर का बजाज शुगर मिल भुगतान के मामले में सबसे फिसड्डी है। अबकी बार जनता चुनाव के दौरान मुखर होकर गन्ने के भुगतान पर सवाल करेगी।

सुनील सैनी निवासी मुल्लापुर ने गन्ना भुगतान को लेकर बताया कि उनका संयुक्त परिवार है। उनके परिवार से करीब आधा दर्जन बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं। गन्ना भुगतान न होने के कारण हम लोग बच्चों की एक साल स्कूलों की फीस जमा नहीं करा पा रहे हैं। इस समस्या से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। क्योंकि सरकार गन्ना भुगतान को लेकर गंभीर नजर नहीं आती है।

राव रहीम पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मसावी ने बताया कि समय पर गन्ना भुगतान नहीं होना किसानों के लिए बहुत बड़ी आर्थिक समस्या पैदा कर रहा है। क्षेत्र के गन्ना मंत्री बनने पर किसान बहुत उत्साहित हुए थे। गन्ना भुगतान को लेकर जो समस्या पूर्व सरकारों में थी। वही अभी भी बनी हुई है।

धर्मेंद्र चौधरी निवासी कुतुबगढ़ का कहना है गन्ना भुगतान न होने के कारण किसान अपने परिवार के सदस्यों की बीमारियों का इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। पीड़ित किसान का कहना है कि वह खुद डेंगू पीड़ित है। आर्थिक तंगी के चलते किसी अच्छे अस्पताल में इलाज नहीं करा पा रहा हूं। इसी प्रकार समय पर गन्ना भुगतान न होने से क्षेत्र के बहुत से लोग इसी प्रकार समस्या से जूझ रहे हैं।

Edited By: Jagran