शामली, जेएनएन। कैराना क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए ईंट भट्ठों और कोल्हू के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है, बावजूद इसके कुछ कोल्हू बेखौफ चलाए जा रहे हैं। कोल्हू से निकलने वाले जहरीले धुएं से प्रदूषण फैल रहा है, लेकिन इससे तहसील प्रशासन बेखबर है।

दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए बीते दिनों जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने क्षेत्र के गांव मामौर में कपड़ा कतरन की मशीन को बंद करा दिया था। जिले में पराली जलाने, कोल्हू और ईंट भट्ठे संचालित करने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया गया है। दर्जनों किसानों पर प्रतिबंध के बाद भी पराली जलाने पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। लेकिन, इसके बावजूद भी प्रदूषण फैलाने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। कैराना बाईपास पर आर्यपुरी देहात के निकट कोल्हू बेखौफ चलाया जा रहा है, जिससे निकलने वाले काले धुएं के कारण प्रदूषण फैल रहा है। गांव कंडेला रोड पर भी इसी प्रकार कोल्हू संचालित हैं। इस कारण दिनोंदिन प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण बढ़ने के कारण सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। इस ओर तहसील प्रशासन का कोई ध्यान नहीं हैं।

Posted By: Jagran

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