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शामली में स्टेडियम का हो रहा निर्माण, जांच करने पहुंचे नए प्रोजेक्ट मैनेजर और विधायक

Published: Wed, 30 Sep 2026 12:59 PM (GMT+05:30)

शामली के भैंसवाल में बन रहे स्टेडियम के निर्माण कार्य में लापरवाही के बाद नए प्रोजेक्ट मैनेजर हेमंत शांडिल्य और थानाभवन विधायक ने गुणवत्ता का निरीक्षण किया।

स्टेडियम के निर्माण कार्य की जांच के लिए पहुंचे नए प्रोजेक्ट मैनेजर और विधायक।

स्टेडियम के निर्माण कार्य की जांच के लिए पहुंचे नए प्रोजेक्ट मैनेजर और विधायक।

HighLights

  1. भैंसवाल स्टेडियम निर्माण में लापरवाही पर प्रोजेक्ट मैनेजर हटाए गए।

  2. नए प्रोजेक्ट मैनेजर और विधायक ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

  3. गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के सख्त निर्देश दिए गए।

जागरण संवाददाता, शामली। भैंसवाल में बन रहे स्टेडियम के निर्माण कार्य में लापरवाही पर शासन ने यूपीसीएल के सहारनपुर मंडल मुख्यालय पर तैनात प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाते हुए आगरा से नए प्रोजेक्ट मैनेजर को भेजा था।

नए प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ ही थानाभवन विधायक और उप क्रीड़ाधिकारी स्टेडियम पहुंचे और निर्माण कार्यों को परखा। इस दौरान विधायक ने नए प्रोजेक्ट मैनेजर से कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

खेलो इंडिया के तहत भैंसवाल में 2022 में स्टेडियम स्वीकृत हुआ था। 24 करोड़ 95 लाख रुपये का बजट है। 20 करोड़ रुपये की मूल स्वीकृि के सापेक्ष पांच करोड़ रुपये की धनराशि करीब एक साल पहले अवमुक्त हो चुकी है।

थानाभवन विधायक की ओर से निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद शासन ने प्रोजेक्ट मैनेजर तरुण प्रकाश शर्मा को हटा दिया और आगरा से नए प्रोजेक्ट मैनेजर हेमंत शांडिल्य को भेजा। मंगलवार को थानाभवन विधायक, नए प्रोजेक्ट मैनेजर और उप क्रीड़ाधिकारी अश्वनी त्यागी स्टेडियम पहुंचे और निर्माण कार्य देखे।

नए प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि वह अभी आए हैं। निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता से होंगे। इसमें लापरवाही नहीं होगी। गौरतबल है कि निर्माण कार्य में लापरवाही पर 10 महीने पहले भी सहारनपुर यूपीसीएल के तत्कालीन प्रेजेक्ट मैनेजर मथन सिंह को हटाया जा चुका है। अब तरुण प्रकाश शर्मा को हटा दिया गया है।

थानाभवन विधायक अशरफ अली ने बताया कि उन्होंने निर्माण कार्य को देखा और नए प्रोजेक्ट मैनेजर, जेई से कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मानक के अनुसार ही कार्य किया जाए। वह बीच-बीच में आते रहेंगे।

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