डेंगू नहीं; सामान्य बुखार... फिर भी घट रहीं प्लेटलेट्स, शामली में सामने आ रहे ऐसे मामले
शामली में संक्रामक बुखार के बीच मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से घट रही हैं, भले ही डेंगू की पुष्टि न ...और पढ़ें

जिला अस्पताल में मरीजों की जांच करते डा. सचिन मलिक। जागरण आर्काइव
HighLights
शामली में बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से घट रही हैं।
बिना डॉक्टर सलाह दर्द निवारक दवाओं का सेवन मुख्य कारण।
प्लेटलेट्स घटने के लिए डेंगू ही एकमात्र वजह नहीं होती।
संवाद सहयोगी, जागरण. शामली। जिले में इन दिनों संक्रामक बुखार के बीच मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से घटने के मामले सामने आ रहे हैं। खास बात यह है कि कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं होने के बावजूद प्लेटलेट्स में गिरावट देखी जा रही है। अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों के मामलों में बिना चिकित्सकीय परामर्श के दर्द निवारक दवाओं का सेवन एक संभावित वजह के रूप में सामने आ रहा है। देहात में भी इस तरह के मामले मिलने से चिंता बढ़ रही है।
जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डा. सचिन मलिक ने बताया कि आमजन बुखार, बदन दर्द और सिरदर्द होने पर लोग जल्द राहत पाने के लिए मेडिकल स्टोर से अपने मन से दवाएं लेकर सेवन कर रहे हैं। कई बार दवाओं की मात्रा और उनके दुष्प्रभावों की जानकारी नहीं होने के कारण परेशानी बढ़ जाती है। कुछ दर्द निवारक दवाएं रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं, और प्लेटलेट्स के काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में बुखार के दौरान बिना डाक्टर की सलाह दवा लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
प्लेटलेट्स कम होने का कारण केवल डेंगू नहीं है। अन्य वायरल संक्रमण, कुछ दवाएं और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं। इसलिए प्लेटलेट्स में गिरावट होने पर खुद से निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिनकी जांच में प्लेटलेट्स कम मिल रही है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि बुखार या शरीर में दर्द होने पर मनमाने ढंग से दर्द निवारक दवाएं न खाएं।
