शामली में बनेगी हाईटेक जेल, योगी सरकार ने जमीन खरीद के लिए जारी किए 96.20 करोड़ रुपये
योगी सरकार ने शामली में प्रस्तावित जिला कारागार की शेष भूमि के अधिग्रहण के लिए 96.20 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।

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HighLights
शामली जिला कारागार के लिए 96.20 करोड़ रुपये मंजूर।
शेष भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अब होगी पूरी।
आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस होगी हाईटेक जेल।
जागरण संवाददाता, शामली। जिले में वर्षों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है। योगी सरकार ने बनत द्वितीय क्षेत्र में प्रस्तावित जिला कारागार की शेष भूमि के बैनामे के लिए 96.20 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है।
इस धनराशि के मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस हाईटेक जिला कारागार के निर्माण का काम तेजी से शुरू हो सकेगा। कारागार का फिलहाल 90 प्रतिशत जमीन का पहले ही हो बैनामा चुका है।
शामली को अलग जिला बने 15 साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अपनी जेल न होने के कारण कैदियों को मुजफ्फरनगर भेजना पड़ता था। जिला बनने के बाद वर्ष 2015 में जिला कारागार की भूमि की तलाश शुरू हो गई थी। पहले भैंसवाल और जंधेडी में जिला कारागार की भूमि का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, लेकिन शासन से भैंसवाल-जंधेड़ी की भूमि पर आपत्तियां आने के बाद प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था।
शासन से 96.20 करोड़ रुपये स्वीकृत
वर्ष 2019 में जिला प्रशासन ने बनत दक्षिणी क्षेत्र की भूमि काे जिला कारागार के लिए उपयुक्त माना। 2019 में भूमि का चिह्निकरण कर मुजफ्फरनगर जिला कारागार के तत्कालीन अधीक्षक को भूमि का निरीक्षण कराया गया था। जिला प्रशासन ने बनत के जंगल में जेल के लिए 80 एकड़ जमीन चिह्नित की थी।
तत्कालीन अफसरों के निरीक्षण के बाद 2021 में जमीन पर मुहर लगी थी। कारागार विभाग के नाम करीब 90 प्रतिशत जमीन का बैनामा पहले ही कराया जा चुका था। केवल बजट के अभाव में शेष 10 प्रतिशत जमीन का पेंच फंसा हुआ था।
अब शासन से 96.20 करोड़ रुपये स्वीकृत होते ही बाकी बचे किसानों के बैनामे भी तुरंत पूरे कर लिए जाएंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि जेलों को केवल बंदी गृह नहीं, बल्कि सुधार गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐस में शामली कारागार भी अत्याधुनिक सुविधाओं व सुरक्षा से लैस होगी।
