जिले में अब तक सिर्फ 1401 मीट्रिक टन गेहूं खरीद

शामली, जागरण टीम। जिले में अब तक सिर्फ 1401 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अधिकांश केंद्र खाली पड़े हैं और निर्यात पर रोक के बाद भी गेहूं के दाम बाजार में नहीं घटे हैं। अधिकांश किसान तो गेहूं बेच चुके हैं। ऐसे में अब खरीद में कोई विशेष तेजी आने की उम्मीद भी नहीं है।

एक अप्रैल से 30 केंद्रों पर जिले में खरीद सत्र शुरू हुआ था। शासन ने इस बार लक्ष्य भी 30 हजार मीट्रिक टन का दिया था। लेकिन शुरुआत से ही बाजार भाव अधिक रहा। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपये प्रतिकुंतल है, जबकि बाजार का भाव 2200 रुपये प्रतिकुंतल ही चल रहा है। व्यापारियों ने किसान के घर से ही एमएसपी से अधिक दाम पर गेहूं खरीद की है। पिछले साल 24 मई तक 13989 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। अब तक सिर्फ 575 किसानों ने गेहूं बेचा है। 522 किसानों का 2.61 करोड़ रुपये का भुगतान भी हो चुका है। शेष किसानों का 21.22 लाख रुपये भुगतान बकाया है। पिछले वर्ष 9320 किसानों से 27866.75 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार पंजीकरण ही ढाई हजार किसानों ने कराया है।

खाद्य विपणन विभाग ने गेहूं खरीद बढ़ाने के प्रयास भी किए थे। केंद्र प्रभारी पिछले साल गेहूं बेचने वाले किसानों से लगातार संपर्क करते रहे। खरीद की मोबाइल सेवा भी शुरू की गई है, लेकिन किसानों ने साफ कहा कि जब एमएसपी से ज्यादा दाम पर गेहूं बिक रहा है तो वह कम पर क्यों बेचेंगे।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं के निर्यात पर रोक के बाद भी बाजार में भाव कम नहीं हुआ है। इसलिए सरकारी खरीद पिछड़ी हुई है। शासन से मिले लक्ष्य का पांच प्रतिशत भी पूरा नहीं हुआ है। किसी-किसी केंद्र पर ही इक्का-दुक्का किसान आते हैं। मंगलवार को सिर्फ 13.85 मीट्रिक टन गेहूं आया।

Edited By: Jagran