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शामली में अवैध कॉलोनियों पर चला MDA का बुलडोजर, 19 बीघा प्लाटिंग ध्वस्त

Published: Fri, 16 Oct 2026 12:56 PM (GMT+05:30)

मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शामली में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने करीब 19 बीघा भूमि ...और पढ़ें

अवैध क\लोनियों पर चला बुलडोजर, निर्माणाधीन भवन सील।

अवैध क\लोनियों पर चला बुलडोजर, निर्माणाधीन भवन सील।

HighLights

  1. मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शामली में की कार्रवाई।

  2. करीब 19 बीघा अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया।

  3. एक निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया गया।

जागरण संवाददाता, शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने अवैध कालोनियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की टीम ने नगर में दो स्थानों पर करीब 19 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया।

वहीं, एक अन्य कॉलोनी में निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया गया। इसके अलावा एक कॉलोनी का मामला मंडलायुक्त के यहां विचाराधीन होने के चलते वहां यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

गुरुवार को प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी हर्ष चावला, सहायक अभियंता संजय कुमार और अवर अभियंता गौरव कुमार पुलिस के साथ कैराना पहुंचे। टीम ने सबसे पहले शामली रोड पर पीयूष अयन आश्रम के सामने कार्रवाई की। यहां अजय स्वामी, प्रशांत अग्रवाल, अमित पंवार, संयम मित्तल और शिखर मित्तल आदि से संबंधित करीब 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया गया।

इसके बाद टीम रेडिसन पैलेस के बराबर में पहुंची, जहां हाजी हनीफ और सन्नी जैन द्वारा करीब 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए प्लाटिंग की जा रही थी। टीम ने बुलडोजर चलवाकर प्लाट की निशानदेही और सड़क को ध्वस्त करा दिया। यहां से टीम अन्य कॉलोनी में पहुंची।

वहां मौजूद कुछ लोगों ने अधिकारियों को कागजात दिखाते हुए बताया कि मामला मंडलायुक्त के यहां विचाराधीन है। बाद में टीम शामली बाईपास फ्लाईओवर के निकट पहुंची।

यहां नईम अहमद, वसीम अहमद और शकील अहमद द्वारा करीब नौ बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में कार्रवाई की गई। टीम ने बुलडोजर से एक कमरे को ध्वस्त करने के साथ ही अन्य निर्माण और प्लाटों की निशानदेही को भी मिटा दिया। इसके अलावा सड़क को भी उखाड़ दिया गया।

कार्रवाई के बीच लोगों से बंद गाड़ी में बातचीत पर उठे सवाल

अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के कुछ तौर-तरीकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीयूष अयन आश्रम के सामने निर्माणाधीन भवन को सील करने के बाद अधिकारी दोबारा अपनी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे।

इस दौरान कॉलोनी में मौजूद एक व्यक्ति को गाड़ी की अगली सीट पर बैठाया गया। पिछली सीट पर अधिकारी बैठे रहे। इसके बाद गाड़ी के शीशे बंद कर कुछ देर तक उससे बातचीत की गई। इसी तरह रेडिसन पैलेस के बराबर में स्थित जिस कॉलोनी में यथास्थिति की हिदायत दी गई, वहां भी अधिकारियों की गाड़ी के अंदर दो अलग-अलग व्यक्तियों से बातचीत हुई। अधिकारियों का दावा है कि उन्हें कागजात दिखाने के लिए गाड़ी में बैठाया था।

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