कौन हैं पूर्व सांसद अमीर आलम व उनके बेटे नवाजिश? जिन्होंने आजाद समाज पार्टी छोड़कर UP में चढ़ाया सियासी पारा
पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके बेटे नवाजिश आलम खान ने आजाद समाज पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी पर ...और पढ़ें

पूर्व सांसद अमीर आलम खान और पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान (फाइल फोटो)
HighLights
पूर्व सांसद अमीर आलम और बेटे नवाजिश ने आसपा छोड़ी
पार्टी पर मान-सम्मान न देने और उपेक्षा का आरोप
शामली की राजनीति में अगले कदम पर सस्पेंस बना
जागरण संवाददाता, शामली। जिले के राजनीतिक गलियारों में बड़ा फेरबदल हुआ है। पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके बेटे पूर्व विधायक नवाजिश आलम खान ने आजाद समाज पार्टी का दामन छोड़ दिया। दैनिक जागरण से खास बातचीत में पूर्व विधायक ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें और उनके पिता को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। बिना उनकी सहमति के उनके राजनीतिक विरोधियों को पार्टी में शामिल किया जा रहा था।
पूर्व विधायक ने कहा कि थानाभवन विधानसभा सीट समेत कई अन्य सीटों पर उनकी मजबूत दावेदारी थी, जिसे पार्टी नेतृत्व ने नजरअंदाज कर दिया। संगठन में लगातार हो रहे अपमान और मान-सम्मान न मिलने के कारण उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। फिलहाल, उनके अगले राजनीतिक कदम पर सस्पेंस बना हुआ है।
पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि भविष्य में उसी दल का रुख करेंगे, जहां उन्हें और उनके समर्थकों को पूरा सम्मान मिलेगा। इस इस्तीफे से सियासी समीकरणों में हलचल तेज हो गई है।
चार दशकों से राजनीति में रहा प्रभाव
जिले के कस्बा गढ़ीपुख्ता निवासी आलम परिवार का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछले चार दशकों से गहरा प्रभाव रहा है। पूर्व सांसद अमीर आलम खान (Ameer Alam Khan) का राजनीतिक इतिहास लंबा रहा है। वह वर्ष 1985 में थानाभवन सीट से पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद जनता दल के टिकट पर 1989 में मोरना और 1996 में थानाभवन से तीसरी बार विधानसभा पहुंचे।
2025 में हुए थे चंद्रशेखर की पार्टी में शामिल
परिसीमन के बाद हुए चुनावों में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुढ़ाना विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर राजनीतिक गलियारों में अपनी धमक दिखाई थी। हालांकि, समय के साथ इस परिवार ने कई राजनीतिक दलों का सफर तय किया। रालोद, बसपा और सपा के बाद यह परिवार बीते साल 2025 में चंद्रशेखर आजाद (MP Chandrashekhar Azad) की आजाद समाज पार्टी में शामिल हुआ था।
