दिल्ली-शामली रेल रूट के दोहरीकरण की कवायद तेज, वैष्णो देवी और खाटूश्याम का सफर होगा आसान; अंतिम चरण में DPR
दिल्ली-शामली रेलमार्ग दोहरीकरण परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को उत्तर रेलवे अंतिम रूप दे रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
दिल्ली-शामली रेल दोहरीकरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अंतिम चरण में।
परियोजना से ट्रेनों की देरी कम होगी, यात्रा सुगम बनेगी।
माता वैष्णो देवी, खाटूश्याम के लिए सीधी ट्रेनें चलेंगी।
जागरण संवाददाता, शामली। दिल्ली-शामली रेलमार्ग के दोहरीकरण की परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर रेलवे ने 19 अक्टूबर को जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि इस रेलखंड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। रेलवे मार्ग का दोहरीकरण पूरा होने के बाद यहां लंबी दूरी की ट्रेन चलने की भी संभावना है। दिल्ली-शाहदरा से शामली तक करीब 87.45 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण की योजना है। रेलवे बोर्ड ने 29 अक्टूबर 2025 को इस कार्य को मंजूरी दी थी। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को निर्माण एजेंसी को कार्य करने की स्वीकृति दी गई।
इस हिस्से के लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अब उत्तर रेलवे के ताजा पत्र में डीपीआर को अंतिम रूप देने की जानकारी दी गई है। इसके बाद रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जहां परियोजना को आगे बढ़ाने के संबंध में निर्णय होगा।
माता वैष्णो देवी और खाटूश्याम के लिए मिल सकेगी सीधी ट्रेन
शाहदरा से शामली तक दोहरीकरण के सर्वे में 24 रेलवे स्टेशन और हाल्ट शामिल किए गए हैं। इस रेलखंड पर अभी सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को क्रासिंग के लिए इंतजार करना पड़ता है। दोहरीकरण होने पर दोनों दिशाओं में अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे ट्रेनों के संचालन में होने वाली देरी कम करने में मदद मिलेगी।
रेल मंत्री ने दोहरीकरण की घोषणा करते हुए तीन साल में कार्य पूरा होने का आश्वासन दिया था। दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इस मार्ग पर लंबी दूरी की ट्रेन चलने की संभावना भी है। यहां से माता वैष्णो देवी, प्रयागराज, लखनऊ, राजस्थान के खाटूश्याम जी के लिए सीधी ट्रेन चल सकेंगी।
