शामली, जागरण टीम। बुखार का प्रकोप है, लेकिन सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। फागिग तथा एंटी लार्वा दवा के छिड़काव पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर में जगह जगह गंदगी पसरी है। नाले-नालियां कूड़े से अटी हैं। मच्छरों का प्रकोप और डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है।

नगर पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी का कहना है कि एंटी लार्वा का छिड़काव नियमित किया जा रहा है। फागिग में रोजाना एक या दो वार्ड में हो रही है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय ने बताया कि गांवों लगातार टीम जा रही है। बुखार से ग्रस्त लोगों को दवा दी जाती है। रैपिड कार्ड से डेंगू की प्राथमिक जांच होती है और अगर पाजिटिव आए तो प्रमाणित जांच को सैंपल मेरठ भेजे जाते हैं। बुधवार को सात सैंपल भेजे गए हैं।

सीएचसी में डेंगू का कोई मरीज भर्ती नहीं

बुखार के मरीज जिले में बढ़ रहे हैं। डेंगू का कोई मरीज अब तक नहीं मिला है। दस सैंपल की रिपोर्ट मेरठ से निगेटिव आई है। मलेरिया के मरीजों की संख्या 35 है। सीएचसी शामली या अन्य में बुखार का कोई मरीज भर्ती नहीं है। जिले में शासकीय ब्लड बैंक कोई नहीं है। तीन ब्लड बैंक ट्रस्ट की ओर से संचालित होते हैं। बुढ़ाना रोड ब्लड बैंक से अजय संगल ने बताया कि प्लेटलेट्स की मांग में बहुत थोड़ी वृद्धि हुई है। फिलहाल स्थिति सामान्य ही है।

घबराएं नहीं

चिकित्सक डा. पंकज गर्ग ने बताया कि किसी भी बुखार में प्लेटलेट्स कम होती हैं। लेकिन डेंगू में ज्यादा खतरा होता है। प्लेटलेट्स की सामान्य स्थिति डेढ़ से चार लाख तक होती है। अगर 60 हजार से कम हो तो मरीज को अस्पताल में भर्ती करा दें। अधिक कम होने पर रक्तस्राव होने का खतरा होता है। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चिकित्सक की सलाह के बिना पैरासिटामोल के अलावा कोई दवा न लें।

बरतें सावधानी

मच्छरों से बचाव रखें। घर में या आसपास कहीं पानी जमा न होने दें। खानपान पौष्टिक रखें और बाहर के खाने से परहेज करें। स्वस्थ हैं तो योग व्यायाम जरूर करें।

Edited By: Jagran