दिल्ली के ठगों के सिर पर चीन का हाथ, एक बैंक खाते से हुआ 115 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन
Shamli News : शामली पुलिस ने चीन के इशारे पर दिल्ली से चल रहे बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
चीन के इशारे पर दिल्ली से संचालित हो रहा ठगी गिरोह।
चाय वालों, रेहड़ी वालों के खातों का हो रहा दुरुपयोग।
शामली पुलिस ने दो आरोपितों को किया गिरफ्तार।
आकाश शर्मा, शामली। देश की राजधानी दिल्ली को केंद्र बनाकर चीन के इशारे पर लोगों से विभिन्न माध्यम से ठगी की जा रही है। शातिर ठगी करने के लिए खुद के बैंक खातों का सीधा इस्तेमाल नहीं करते। बल्कि एविएटर जैसे गेमिंग में रुपये लगवाने के लिए चाय वाला, रेहड़ी वाला आदि लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है।
दक्षिण भारत के एक बैंक खाते की जांच शामली पहुंची तो पुलिस ने जांच की। रेहड़ी लगाने वाले सादिक के बैंक खाते से 82 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जब उससे पूछताछ हुई तो पता चला लोन दिलाने के नाम पर उसका खाता खुलवाया था और खाते को चला कंपनी रही थी। इस पूरे खेल में बीटेक पास एक शिक्षक, 12वीं पास चाय की दुकान चलाने वाला।
पुलिस कंपनी के खाता धारक को भी जल्द गिरफ्तार कर सकती है। आरोपित दिल्ली में आलीशान कंपनी में बैठकर इस खेल को चला रहे हैं। उत्तर भारत का रुपया दक्षिण और दक्षिण भारत का रुपया उत्तर भारत के छोटे लोगों के भिजवाकर उनसे लिया जा रहा है। एजेंटों को मानदेय और कमीशन दिया जाता है।
दिल्ली के एक पाॅश इलाके की ऊंची इमारत, कांच की दीवारों वाला वातानुकूलित दफ्तर और मेजों पर सजे चमकते लैपटाप-बाहर से देखने पर यह किसी बड़ी कार्पोरेट कंपनी का दफ्तर लगता है, लेकिन इन बंद कमरों के भीतर जो खेल चल रहा था, उसकी पटकथा सात समंदर पार चीन में लिखी जा रही थी और उसका शिकार हो रहा था दक्षिण भारत का कोई अनजान आदमी और शामली का एक बेगुनाह रेहड़ी वाला। कानून की नज़रों से बचने के लिए इन्होंने देश को दो हिस्सों में बांट दिया।
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उत्तर भारत के लोगों से ठगे गए पैसे दक्षिण भारत के खातों में भेजे जाते और दक्षिण भारत की ठगी का पैसा उत्तर भारत के म्यूल खातों में मंगवा रहे थे। शामली के ऐसे ही तीन खातों में महज कुछ दिनों के भीतर तीन करोड़ के लेनदेन से मामला सामने आया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि ट्रेडिंग में निवेश और गेमिंग एप्लीकेशन के माध्यम से चीनी लोग ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसमें कुछ लोग दिल्ली में कंपनी चलाने वाले भी इस गिरोह से जुड़े है। जल्द मामला पकड़ में ना आ सके इसलिए पूरा खेल टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। गेम में दोगुने पैसे का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता।
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इस खेल में बड़ी कंपनियों की भूमिका इसलिए संदिग्ध है। चूंकि म्यूल बैंक खातों से जिस बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए उस खाते की जांच हुई तो उस बैंक खाते से 115 करोड़ रुपये का लेनदेन हो चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस खाता धारक को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली गई थी, लेकिन फिलहाल उक्त व्यक्ति का ठगी में ठोस सबूत न मिलने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।
