BA में पढ़ रहे छात्र ने फर्जी फर्म बनाकर सरकारी खजाने को लगाई करोड़ों की चपत, उससे जुड़े हैं दिल्ली के कई रसूखदार
Shamli News : शामली पुलिस ने फर्जी बिलों और बोगस फर्मों के जरिए सरकारी राजस्व को करीब दो करोड़ रुपये ...और पढ़ें

शामली पुलिस लाइन में जीएसटी चोरी के आरोपित के बारे में जानकारी देते एसपी एनपी सिंह। जागरण
HighLights
फर्जी बिलों और बोगस फर्मों के माध्यम से किया जीएसटी घोटाला।
राजस्थान निवासी बीए का छात्र विशाल राजवंशी गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, शामली। फर्जी बिलों और बोगस फर्मों के माध्यम से सरकारी राजस्व को करीब दो करोड़ रुपये की चपत लगाने वाले राजस्थान के छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित ने खुद को गांव कुड़ाना का निवासी बताते हुए केंद्र में जीएसटी फर्म का पंजीकरण कराया था।
रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित विशाल राजवंशी निवासी नोरपुरा, टोंक (राजस्थान) ने धोखाधड़ी का जाल बुना था। पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूट रचित दस्तावेज तैयार किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने 15 जनवरी 2025 को विभाग में फर्म का पंजीकरण कराया और खुद को शामली के गांव कुड़ाना का मूल निवासी दर्शाया।
एसपी ने बताया कि आरोपित इस बोगस फर्म के नाम पर फर्जी बिल तैयार करता था और विभिन्न फर्मों के साथ कागजों में ही खरीद-फरोख्त दिखाता था। इस खेल के माध्यम से वह जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठा रहा था। जब विभागीय अधिकारियों ने फर्म के पते पर मुआयना किया, तो वहां मौके पर कोई भी प्रतिष्ठान या कारोबार नहीं मिला। इसके बाद 27 जनवरी 2025 को जीएसटी विभाग ने उक्त फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। एसपी ने बताया कि आरोपित को जल्द ही रिमांड पर लेकर अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी की जाएगी।
बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है विशाल
जांच में सामने आया कि विशाल राजवंशी बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। पढ़ाई की आड़ में वह साइबर और वित्तीय अपराध के गिरोह से जुड़ गया। एसपी ने राजफाश किया कि इस धोखाधड़ी में दिल्ली के कई रसूखदार और शातिर लोग भी शामिल हैं, जो उसे तकनीकी और दस्तावेजी मदद उपलब्ध कराते थे। पुलिस उन संदिग्धों का पता लगाने में जुट गई है।
