शामली: अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुके युवक की पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में मौत, परिजनों ने काटा हंगामा
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पास कर चुके एक युवक की शामली के अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मौत हो गई।
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शामली के कैराना रोड स्थित मुकेश नर्सिंग होम मांग को लेकर धरने पर बैठे स्वजन और सावन, मृतक का फाइल फोटो
HighLights
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया पास कर चुके युवक की अस्पताल में मौत।
स्वजनों ने गलत उपचार का आरोप लगाकर सात घंटे हंगामा किया।
बाद में अस्पताल और स्वजन पक्ष के बीच समझौता हुआ।
जागरण संवाददाता, शामली। अग्निवीर भर्ती में मेडिकल, फिजिकल और परीक्षा पास कर चुके युवक को दौड़ते समय अचानक चक्कर आ गए थे। इसके साथ ही पेट में तेज दर्द की शिकायत पर स्वजन ने उसे गुरुवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। स्वजन ने गलत उपचार का आरोप लगाकर करीब सात घंटे तक हंगामा किया। जाम भी लगाया था। देर रात अस्पताल और स्वजन पक्ष के बीच फैसला हो गया। सुबह स्वजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के कस्बा बनत के जवाहर नगर निवासी 18 वर्षीय सावन पुत्र धर्मवीर अग्निवीर परीक्षा के लिए मेडिकल, परीक्षा और फिजिकल पास कर चुका है। मेरिट में उसका नाम आने की उम्मीद थी। गुरुवार शाम दौड़ लगाने गया था। इस दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई। पेट दर्द की शिकायत होने पर स्वजन उसे लेकर शामली के मुकेश नर्सिंग होम पहुंचे।

चिकित्सक ने तीन टांकों का अपेंडिक्स का ऑपरेशन बताया। स्वजन इसके लिए तैयार हो गए और 18 हजार रुपये जमा करा दिए। चिकित्सक शाम साढ़े छह बजे आया और ऑपरेशन कर दिया। करीब सात बजे फिर चिकित्सक आया और उन्होंने 15 हजार रुपये वापस किए।
युवक चार बहन-भाइयों में सबसे छोटा था
कहा कि इन्हें किसी अन्य अस्पताल ले जा सकते हो, या ठीक होने के बाद ही रुपये लेंगे। इससे स्वजन को शक हुआ और उन्होंने कस्बे से अन्य लोगों को बुला लिया। तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। स्वजन ने रात नौ बजे से तीन बजे तक हंगामा किया। अस्पताल के बाहर महिलाओं ने धरना दिया।
जाम भी लगा दिया। दो थानों की पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और जांच की। हालांकि देर रात दोनों पक्षों में समझौता हो गया। शुक्रवार सुबह स्वजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। युवक चार बहन-भाइयों में सबसे छोटा था।
स्वजन ने बड़े बेटे की लंबाई कम होने के कारण छोटे पुत्र को भर्ती की तैयारी कराई थी। हंगामे के दौरान मां और अन्य स्वजन मेरा फौजी मार दिया कहकर चिकित्सक पर आरोप लगा रहे थे। चिकित्सक से इस संबंध में पक्ष जानने के लिए काल और संदेश भेजा गया, लेकिन उन्होंने कोई पक्ष नहीं रखा।
