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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: स्वजन ने मुआवजा लिए बिना अंत्येष्टि से किया इनकार, बरेली-फर्रुखाबाद राजमार्ग पर 12 लोगों की हो गई थी मौत

Published: Fri, 26 Jan 2024 02:52 PM (IST)

फर्रूखाबाद बरेली राज्य राजमार्ग पर गुरुवार को हुए हादसे में मरने वालों के स्वजन ने मुआवजा मिले बिना शवों की ...और पढ़ें

स्वजन ने मुआवजा लिए बिना अंत्येष्टि से किया इनकार, बरेली-फर्रुखाबाद राजमार्ग पर 12 लोगों की हो गई थी मौत
स्वजन ने मुआवजा लिए बिना अंत्येष्टि से किया इनकार, बरेली-फर्रुखाबाद राजमार्ग पर 12 लोगों की हो गई थी मौत

मुआवजा लिए बिना दमगढ़ा गांव में अंत्येष्टि करने से इन्कार

- बरेली फर्रुखाबाद राज्य राजमार्ग पर गुरुवार को हुए हादसे में 12 लोगों की हो गई थी मृत्यु

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। फर्रूखाबाद बरेली राज्य राजमार्ग पर गुरुवार को हुए हादसे में मरने वालों के स्वजन ने मुआवजा मिले बिना शवों की अंत्येष्टि करने से इन्कार कर दिया। एडीएम प्रशासन संजय पांडेय सभी को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

मदनापुर के दमगढ़ा गांव के अनंतराम गुरुवार को अपने चार सीटर आटो से अपनी मां बसंता उर्फ राजरानी समेत 12 लोगों के साथ फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा स्नान करने जा रहे थे। अल्हागंज के सुगसुगी गांव के पास सामने से आ रहे कंटेनर ने टक्कर मार दी थी जिससे सभी लोगों की मृत्यु हो गई थी। तीन लोग जलालाबाद के लहसना गांव के रहने वाले थे।

शुक्रवार सुबह दमगढ़ा गांव में मनीराम, पुत्तू लाल व उनके भाई लालाराम के शव सबसे पहले अंत्येष्टि के लिए घर से बाहर निकल गए लेकिन गांव के बाहर तीनों के स्वजन ने बिना मुआवजा के अंत्येष्टि करने से इन्कार कर दिया।

गांव में ही मौजूद एडीएम प्रशासन संजय पांडेय ने सभी को बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मृतक के स्वजन को कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा पहले ही कर दी है, लेकिन स्वजन तत्काल मुआवजा दिलाने की जिद पर अड़े हैं। जलालाबाद के लहसना गांव में भी तीनों मृतकों के स्वजन पहले मुआवजे की मांग पर अड़े हैं । वहां भी एसडीएम रविंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए हैं।

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