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इंसानियत शर्मसार: हाईवे पर तड़पता रहा घायल, रातभर शव को रौंदती रहीं गाड़ियां; ना पुलिस दिखी ना NHAI

Published: Tue, 15 Sep 2026 08:44 PM (IST)

लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक युवक को टक्कर मारने के बाद चालक फरार हो गया, जिससे उपचार के अभाव में ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

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HighLights

  1. एनएचएआइ की पेट्रोलिंग टीम के साथ पुलिस की भी गश्त के दौरान नहीं पड़ी नजर

संवाद सहयोगी, मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक युवक की मौत के बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। टक्कर मारने के बाद चालक ने घायल युवक की मदद करने के बजाय उसे तड़पता छोड़ दिया। उपचार के अभाव में युवक की मृत्यु हो गई। पूरी रात वाहन शव को रौंदते रहे, लेकिन न तो रात गश्त ने दौरान पुलिस ने उसे देखा और न ही एनएचएआइ की पेट्रोलिंग टीम की ही नजर उस पड़ी।

कटरा से करीब तीन किमी दूर खिरिया सकटू ग्राम निवासी धर्मेंद्र कुमार ने सुबह पांच बजे टहलते समय हाईवे पर युवक का शव देखा। शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत था।

सिर और धड़ का निचला हिस्सा पूरी तरह कुचला हुआ था। खून के निशान भी काफी दूर तक फैले हुए थे। सूचना मिलने के डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक आसपास के ग्रामीण भी आ चुके थे, लेकिन शव की पहचान नहीं हो पाई।

माना जा रहा है कि रात के किसी समय युवक को वाहन ने टक्कर मारी, लेकिन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय वहीं छोड़ दिया गया। अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

पुलिस के अनुसार, घटनास्थल या उसके आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जिससे हादसे की सही जानकारी मिल सके। कटरा और तिलहर की दिशा में लगे हाईवे के कैमरों के जरिए वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

हाईवे पर रात में पुलिस की गश्त होती है, लेकिन युवक की मृत्यु की जानकारी सुबह तब मिली, जब ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की पेट्रोलिंग टीम भी 24 घंटे सक्रिय रहने का दावा करती है।

मगर, वह भी इस घटना से अनभिज्ञ रही। किसी भी हादसे में घायल के लिए पहला घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस गोल्डन आवर में उपचार मिलने से जान बचने की संभावना रहती है।

इसके लिए राहवीर योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है, लेकिन जिले में अब तक कोई राहवीर सामने नहीं आया।

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