शाहजहांपुर, जेएनएन : चर्चित नारायण हत्याकांड के इनामी आरोपितों को पुलिस ने गुरुवार को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि पिता व भाई की हत्या का बदलना लेने के लिए नारायण से दोस्ती कर पहले उसका विश्वास जीता। फिर सिगरेट पिलाने के बहाने उसकी हत्या कर दी। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।

रोजा थाना के लोदीपुर मुहल्ला के नारायण कश्यप वर्ष 2003 में हुए चौक कोतवाली के मोहम्मदजई मुहल्ला के अंशुमान सक्सेना हत्याकांड का मुख्य आरोपित था। भाई की हत्या का बदला लेने को अक्षय सक्सेना उर्फ बच्चू ने दोस्त सलीम उर्फ बब्बू की मदद से आठ सितंबर को अपने घर के पास नारायण की पांच गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुरुवार सुबह चौक कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपित आवास विकास कालोनी के पास खड़े है। पुलिस के पहुंचने पर आरोपित फायरिग कर भागने लगे। घेराबंदी कर दोनों को पकड़ा। पूछताछ में बच्चू ने बताया कि नारायण के साथियों ने वर्ष 2001 में उसके पिता ब्रह्म स्वरूप की हत्या की थी। फिर वर्ष 2003 में भाई अंशुमान सक्सेना की हत्या की। तंज कसते थे लोग

बच्चू ने बताया कि पिता-भाई की हत्या के बाद लोग तंस कसते थे कि उसने हत्या का बदला नहीं लिया। कई बार नारायण को मारने का प्रयास किया था। लेकिन, सही वक्त नहीं मिल पाया। सात सितंबर को भाई की हत्या में शामिल एक आरोपित के घर कुर्की हुई तो फिर जहन में बदला लेने की भावना आ गई। दोस्ती कर जीता विश्वास

बच्चू ने बताया कि जेल से छूटने के बाद नारायण ने मोहम्मदजई मुहल्ले में मछली का ठेका ले लिया था। इससे उसका यहां रोज आना-जाना था। ऐसे में उससे दोस्ती कर धीरे-धीरे विश्वास भी जीत लिया। आठ सितंबर को सिगरेट पिलाने के बहाने उसे रोका था। इसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। बदलते रहे ठिकाने

हत्या कर दोनों आरोपित स्टेशन पहुंचे। कोई ट्रेन न मिलने पर कच्चा कटरा मोड़ पर रखे ट्रांसफार्मर के पास घास में कारतूस के खोखे डाल दिए। फिर बरेली मोड़ से बरेली प्राइवेट वाहन से गए। फिर रोडवेज बस से लोनी पहुंचे। जहां एक दिन बब्बू बेटों के पास रुका। फिर हरिद्वार समेत कई जगह ठिकाने बदलते दोनों घूमते रहे। उधार नहीं मिले रुपये

बच्चू व बब्बू ने कई रिश्तेदारों से संपर्क कर उनसे रुपये मांगे लेकिन हर किसी ने देने से इन्कार कर दिया। ऐसे में दोनों वापस शाहजहांपुर आ गए थे। ताकि घर से रुपये मंगवा सके। हत्यारोपितों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। मुठभेड़ में दोनों को पकड़ा। पूछताछ में हत्या की वजह पुरानी रंजिश निकलकर आई है। दोनों को जेल भेजा है।

संजय कुमार, एएसपी सिटी

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