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शाहजहांपुर में फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र से हथियाया टेंडर, मथुरा कंस्ट्रक्शन के संचालक पर धोखाधड़ी की FIR

Published: Fri, 11 Sep 2026 05:59 PM (IST)

शाहजहांपुर में मथुरा कंस्ट्रक्शन के संचालक प्रदीप गुप्ता के खिलाफ फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र लगाकर नगर निगम के टेंडर हथियाने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. नगर निगम के मुख्य अभियंता ने दर्ज कराई प्राथमिकी, पुलिस ने शुरू की जांच

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। मथुरा कंस्ट्रक्शन के संचालक प्रदीप गुप्ता के खिलाफ नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी की ओर से थाना सदर बाजार में तहरीर दी गई। उसी आधार पर शुक्रवार को धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। विकास कार्यों के ई-निविदा (टेंडर) में कूटरचित और फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र लगाकर संचालक ने नगर निगम को चूना लगाया था।

फर्म संचालक के खिलाफ अधिकारी प्राथमिकी दर्ज कराने से बचते नजर आ रहे थे। तहरीर में कहा गया कि तिलहर के नितगंज निवासी व मथुरा कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता ने निगम की ओर से तमाम सड़कों और नालियों के निर्माण कार्यों के लिए निकाली गई ई-निविदाओं में हिस्सा लिया था।

टेंडर हासिल करने के लिए उसने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी होने का दावा करते हुए चरित्र प्रमाण पत्र लगाए गए थे। मामला तब पकड़ में आया जब आरोपित की ओर से लगाए गए दोनों चरित्र प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से कभी जारी नहीं होने की बात सामने आई।

दोनों चरित्र प्रमाण पत्र पूरी तरह से फर्जी और कागजी हेरफेर कर तैयार किए गए थे। आरोपित ने अनुचित आर्थिक लाभ उठाने के लिए इन जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर टेंडर हथिया लिया था। इस खुलासे के बाद नगर निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई।

पुलिस ने आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत छल और धोखाधड़ी, कूटरचना, मूल्यवान सुरक्षा या वसीयत का कूटकरण, फर्जी रूप में प्रयुक्त करने के लिए कूटरचित प्रपत्र बनाने और कूटरचित दस्तावेज को असली रूप में उपयोग करने के मामलों में प्राथमिकी दर्ज की है।

थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल था।

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