सात समंदर पार अमेरिका में टेनिस का जौहर दिखा रही शाहजहांपुर की महिका खन्ना, बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
शाहजहांपुर की महिका खन्ना ने अमेरिका की प्रतिष्ठित वेस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी की महिला टेनिस टीम में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया है।

अमेरिका में खेलतीं महिका खन्ना और साथी खिलाड़ियों के साथ खड़ीं
HighLights
महिका खन्ना का वेस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी की टीम में चयन।
यूनिवर्सिटी चार साल का पढ़ाई और रहने का पूरा खर्च उठाएगी।
शाहजहांपुर की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत।
अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। छोटे शहरों की बेटियां जब बड़े सपने देखती हैं तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है मुहल्ला तारीन टिकली की बेटी महिका खन्ना की। जिस टेनिस रैकेट को उन्होंने पांच वर्ष की उम्र में हाथ में लिया था, आज उसी रैकेट की गूंज सात समंदर पार अमेरिका में सुनाई दे रही है।
गगन खन्ना और रोली खन्ना की बड़ी बेटी महिका का चयन अमेरिका की प्रतिष्ठित वेस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी की महिला टेनिस टीम के लिए हुआ है। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है, जब एक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय उसकी प्रतिभा पर भरोसा जताता है।
महिका के लिए यह सफर आसान नहीं था। भारत में प्रतिभा होने के बावजूद अवसरों की कमी से जूझ रही महिका ने हार नहीं मानी। अंडर-18 वर्ग में भारत में चौथी रैंक हासिल कर चुकी महिका ने तय किया कि अब अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पर ही अपने जौहर को आजमाएंगी। और फिर शुरू हुआ विदेश का सफर।
12 अगस्त को उनकी बायोमेट्रिक प्रक्रिया हुई, 20 अगस्त को मुंबई में वीजा इंटरव्यू हुआ और उसी दिन वीजा भी मिल गया। 26 अगस्त को वह अमेरिका के लिए रवाना हो गईं। अब वेस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी न केवल उनकी पढ़ाई बल्कि खानपान से लेकर रहने तक का पूरा खर्च उठा रही है।
यूनिवर्सिटी के साथ चार वर्ष का एग्रीमेंट हुआ है, जिसके लिए उन्हें बड़ी रकम देगा। बेहतर प्रदर्शन पर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। महिका हर दिन सुबह-शाम माता-पिता से ग्रुप काल कर उनसे बात करती है। ट्रेनिंग, पढ़ाई और नई जिंदगी के बारे में बताती है। गगन ने बताया कि अभी तक जो भी वहां प्रतियोगिताएं हुईं हैं उनमे बेटी ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।
नौ वर्ष की उम्र में खेलने लगीं थी प्रतियोगिताएं
महिका को सफलता यूं ही नहीं मिली। नौ वर्ष की उम्र से उन्होंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। कड़ी मेहनत, अनुशासन और माता-पिता के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनकी इस प्रतिभा को 12 जनवरी को प्रदेश सरकार ने भी पहचाना और उन्हें राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किया।
इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना जनपद रत्न से भी सम्मानित कर चुके हैं। गगन खन्ना की दो बेटियां हैं। जहां बड़ी बेटी महिका ने टेनिस में देश का नाम रोशन किया है, वहीं छोटी बेटी अब क्रिकेट में हाथ आजमा रही है।
महिका की कहानी शाहजहांपुर की हर उस बेटी के लिए प्रेरणा है जो बड़ा सपना देखती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो शाहजहांपुर की गलियों से निकलकर अमेरिका के टेनिस कोर्ट तक का सफर भी तय किया जा सकता है।
