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यूपी की बिटिया खुशी ने ग्रैपलिंग में जीता गोल्ड मेडल, ईरान की अइदा को हराकर विश्व में लहराया परचम

Published: Mon, 21 Sep 2026 12:54 PM (IST)

शाहजहांपुर की खुशी ने तुर्की के इस्तांबुल में अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरीज़ में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 64 किग्रा भार ...और पढ़ें

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HighLights

  1. खुशी ने अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरीज़ में स्वर्ण पदक जीता।

  2. तुर्की के इस्तांबुल में 64 किग्रा भार वर्ग में मिली जीत।

  3. ईरान की अइदा को हराकर भारत का परचम लहराया।

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जैतीपुर के छोटे से गांव अगरौली नवादा मोड़ की बिटिया खुशी ने अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल ग्रैपलिंग सीरिज में स्वर्ण पदक जीता है। तुर्की के इस्तांबुल में हुई 64 किग्रा भार में उन्होंने ईरान की अइदा को पराजित किया।

भारतीय खिलाड़ी के सामने उनकी प्रतिद्वंदी खिलाड़ी शुरू से ही संघर्ष करती रहीं। ज्वाइंट लॉक में फंसने के बाद मैट पर टैप करने के साथ ही उन्होंने हार मान ली। बिटिया की जीत पर परिवार में खुशी का माहौल है।

हरिद्वार में पक्का किया था इस्तांबुल का टिकट

किसान रामफल चौधरी की बेटी खुशी पिछले पांच वर्ष से हरियाणा में रहकर अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कुछ माह पूर्व हरिद्वार में हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतकर उन्होंने इस्तांबुल में होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए टिकट पक्का किया था। सीनियर 64 किलो वर्ग में उनका सामना ईरानी खिलाड़ी अइदा से था, लेकिन शुरुआत से ही खुशी उस पर भारी पड़ी। उन्होंने 6-1 के अंतर से प्रतिद्वंदी खिलाड़ी को पराजित किया।

बचपन से ही लगाई मेडलों की झड़ी

इससे पहले खुशी अंडर 19 स्कूल स्टेट चैम्पियनशिप में रजत, अंडर 15 व अंडर 17 राज्यस्तरीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, अंडर 23 में रजत पदक जीत चुकी हैं। स्टेट अंडर 15 और अंडर 17 में स्वर्ण, अंडर-23 में रजत, सीनियर स्टेट में स्वर्ण, पदक जीत चुकी हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने अंडर-15 और सीनियर वर्ग में कांस्य, जूनियर नेशनल ग्रैपलिंग रेसलिंग में स्वर्ण पदक भी जीता है। उनके बड़े भाई अमित चौधरी क्रिकेट खिलाड़ी हैं। दस वर्षों से क्रिकेट अकादमी संचालित कर रहे हैं। भाई गोविंद चौधरी बाक्सिंग, कुश व लव कबड्डी में सक्रिय हैं।

कुश्ती की तरह होती है ग्रैपलिंग

ग्रैपलिंग एक प्रकार की कुश्ती है इसमें प्रतिद्वंदी को पकड़कर उसे जमीन पर गिराना होता है। इसमें मुक्का या किक मारने की अनुमति नहीं होती है। जब काेई खिलाडी किसी एक पोजीशन में अपने प्रतिद्वंदी पर तीन सेकेंड तक नियंत्रण बनाए रखता है। तो अंक मिलता है। लाक या सबमिशन होने पर प्रतिद्वंदी के टैप करने पर विजेता घोषित किया जाता है।

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