जेब से गायब हो रहे कार्ड! शाहजहांपुर में UPI का 'महा-विस्फोट', 2 साल में ₹30,927 करोड़ का ट्रांजेक्शन
शाहजहांपुर जिले में यूपीआई लेनदेन में भारी वृद्धि देखी गई है, जहां दो वित्तीय वर्षों में कुल ₹30,927 करोड़ से ...और पढ़ें

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HighLights
वर्ष 2025-26 में 24950.61 करोड़ और 2026-27 में 5976.51 करोड़ रुपये का भुगतान
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जेब में डेबिट-क्रेडिट कार्ड मौजूद है, लेकिन भुगतान की बारी आते ही हाथ मोबाइल की ओर बढ़ता है। चाय की दुकान हो या बड़े शोरूम, डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआइ लोगों की पहली पसंद बन गया है। जिले में बैंकवार आंकड़े भी भुगतान के बदलते तरीकों की कहानी बयां कर रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 व 2026-27 में अब तक यूपीआइ के जरिए 22.37 करोड़ से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए, जिनकी कुल राशि 30927.12 करोड़ रुपये है।

दूसरी ओर डेबिट ओर क्रेडिट कार्ड से लेनदेन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 के बीच कार्ड से लेनदेन की संख्या घट गई, जबकि भुगतान की राशि में भी कमी आई है।
यानी एक तरफ मोबाइल से भुगतान का दायरा बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर कार्ड का इस्तेमाल सिमटता दिखाई दे रहा है। डिजीटल भुगतान की दुनिया यह बदलाव सिर्फ तकनीक का नहीं बल्कि लोगों को बदलती पसंद का भी संकेत है।
लीड बैंक मैनेजर अरिवंद कुमार का कहना है कि मोबाइल से भुगतान की सुविधा, दुकानों पर क्यूआर कोड की उपलब्धता और तत्काल धन हस्तांतरण ने यूपीआइ को आसान विकल्प बनाया है। इसलिए डेबिट व क्रेडिट कार्ड की अपेक्षा यूपीआइ से लेनदेन बढ़ा है।
