शाहजहांपुर में 'सुई' बनी काल: 7 दिन में 4 मासूमों समेत 5 की मौत, मेडिकल स्टोर वालों की मनमानी से सहमे लोग
शाहजहांपुर में एक सप्ताह के भीतर चार मासूमों समेत पांच लोगों की जान अप्रशिक्षित मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा गलत उपचार ...और पढ़ें

इस तरह घरों में बोर्ड लगाकर संचालित हो रहीं अवैध दुकानें। जागरण
HighLights
एक सप्ताह में जिले में चार मासूमों समेत पांच लोगों की चली गई उपचार के दौरान जान
अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। तिलहर के नजरपुर मुहल्ला निवासी भूरे की एक वर्षीय पौत्री को बुखार आ गया था। अस्पताल की बजाय मेडिकल स्टोर संचालक के पास ले गए। कहा, सिरप दे दो, लेकिन स्टोर संचालक ने यह कहते हुए सुई लगा दी कि जल्द आराम मिलेगा, लेकिन चंद मिनट में मासूम की जान चली गई।
यह अकेली घटना नहीं है, अप्रशिक्षित लोगों ने सप्ताह भर में तीन अन्य मासूम समेत पांच लोगों की जान ले ली। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का दावा किया जा रहा है।
मगर, स्वास्थ्य विभाग के ही अधिकारियों की अनदेखी के चलते शहर से लेकर गांवों तक अप्रशिक्षित लोग दुकानें खोलकर खांसी-बुखार के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के उपचार की आड़ में जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
ज्यादा रुपये के लालच में इंजेक्शन लगाने के साथ ही जरूरी डोज से ज्यादा गोलियां दी जाती है। नोडल अधिकारी डा. इरफान खान ने बताया कि बिना पंजीयन दुकान संचालित कर उपचार करने वालों के विरुद्ध अभियान शुरू किया गया है।
झोलाछापों के चलते हुई घटनाएं
- रोजा के जपनापुर गांव निवासी संतोष कुमार के बेटे अमन कुमार की 11 सितंबर को मुकरमपुर स्थित शिक्षामित्र रविंद्र की दुकान पर मृत्यु हो गई थी। स्वजन ने गलत इंजेक्शन लगाने से मृत्यु की प्राथमिकी दर्ज कराई।
- मदनापुर के सैजना मधु गांव निवासी जगवीर की मंगलवार को मृत्यु हो गई। बुखार आने पर स्वजन पवन की दुकान पर ले गए। इंजेक्शन लगाने से तबीयत बिगड़ने पर जगवीर की मृत्यु हो गई।
- पीलीभीत के पसियापुर गांव निवासी राजीव के छह वर्षीय बेटे आरव के पेट में दर्द होने पर सिंधौली के मियांपुर गांव ले गए जहां शिवसरन की दुकान पर इंजेक्शन लगाने के बाद मृत्यु हो गई।
- कलान के नौसना मडैया गांव निवासी महेश के आठ वर्षीय बेटे ऋषिकांत के पेट में दर्द हो रहा था। नौ सितंबर को गांव में ही उपचार कराया। गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से मृत्यु होने का आरोप लगाया गया।
- मिर्जापुर के बहेरिया गांव निवासी असलम की पत्नी शाहिदा को बुखार, पेट दर्द हो रहा था। 27 अगस्त को कस्बे की एक दुकान पर ले गए जहां दो इंजेक्शन लगा दिए गए। कुछ देर बाद महिला की मृत्यु हो गई थी।
- कांट के बांसखेड़ा गांव निवासी डालचंद की 24 अगस्त को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। होम्योपैथ चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाकर जाम भी लगाया गया था।
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