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भाषा अलग, देश अलग पर श्रद्धा एक: शाहजहांपुर में बाबूजी महाराज की जन्मस्थली पर भावुक हुए विदेशी अभ्यासी

Published: Thu, 24 Sep 2026 06:02 PM (IST)

दक्षिण कोरिया सहित कई देशों के अभ्यासी शाहजहांपुर में श्रीरामचंद्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचंद्र महाराज की जन्मस्थली पर पहुंचे। ...और पढ़ें

HighLights

  1. बेलारूस, फ्रांस व मलेशिया के अभ्यासी भी रहे इसमें शामिल, ध्यान के दौरान हुए भावुक

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। रहन-सहन व भाषा अलग, देश अलग, लेकिन श्रद्धा, साधना और गुरु के प्रति समर्पण का भाव एक जैसा...। सहज मार्ग योग साधना को 165 देशों तक पहुंचाने वाले श्रीरामचंद्र मिशन के संस्थापक महात्मा रामचंद्र महाराज (बाबूजी महाराज) की जन्मस्थली पर दक्षिण कोरिया से अभ्यासियों का दल पहुंचा।

दीवान जोगराज स्थित उनके आवास पर पहुंचकर गुरुसत्ता को प्रणाम किया। बेलारूस, मलेशिया व फ्रांस के अभ्यासियों के साथ ध्यान भी लगाया। रामचंद्र मिशन आश्रम में दक्षिण कोरिया से आए करीब 30 अभ्यासियों का दल डाॅ. मून के नेतृत्व में पहुंचा।

ध्यान के दौरान कई अभ्यासी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने इसे गुरु के प्रति कृतज्ञता का क्षण बताया। कहा कि ध्यान से भीतर गहरी शांति और आत्मीयता का अनुभव किया।

इसे पावन भूमि बताते हुए नमन किया, कहा कि यहां महात्मा रामचंद्र जी महाराज का जन्म हुआ और उनके जीवन, साधना और आध्यात्मिक चिंतन ने आगे चलकर विश्वभर में साधकों के लिए आध्यात्मिक मार्ग प्रशस्त किया।

ध्यान के बाद अभ्यासी अजीजगंज स्थित सहज मार्ग जंक्शन पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा रामचन्द्र जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया और यहां भी कुछ समय ध्यान व मौन साधना में बिताया।

इस दौरान प्रशिक्षक राजगोपाल अग्रवाल, आश्रम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह, ममता सिंह, सुयश सिन्हा, कृष्णा भारद्वाज, सुरेंद्र सिन्हा,अनूप कुमार, अशोक लोधी आदि मौजूद रहे।

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