'तेरा आधार कार्ड आतंकी के पास है' कहकर 5 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, रिटायर्ड मैनेजर से उड़ाए ₹22 लाख
शाहजहांपुर में एक सेवानिवृत्त चीनी मिल प्रबंधक और उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने एटीएस अधिकारी बनकर 5 दिनों तक ...और पढ़ें

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एटीएस का अधिकारी बनकर किया फोन, कहा आतंकवादी ने आधार का प्रयोग करके खुलवाया बैंक खाता
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। सीतापुर की विसवां चीनी मिल से सेवानिवृत्त प्रबंधक सुरेंद्र सक्सेना व उनकी पत्नी को साइबर ठगों ने पांच दिन तक हाउस अरेस्ट रखा। एटीएस अधिकारी बनकर काल की, कहा कि उनका आधार कार्ड आतंकवादियों के पास है, जिससे बैंक में खाता खुलवाकर 25 लाख रुपये भेजे गए।
इसके बाद कार्रवाई से बचने के लिए तीन बार में उनसे खाते में पहले से जमा 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। इस साइबर सेल ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
शहर के ताजू खेल मुहल्ला निवासी सुरेंद्र सक्सेना सीतापुर की विसवां चीनी मिल से मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह पत्नी उर्मिला के साथ घर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को अनजान नंबर से उनके पास वाट्सएप काल आई थी।
काल करने वाले ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताया था। काल करने वाले ने सुरेंद्र से कहा कि उन्होंने अपना आधार कार्ड एक आतंकवादी को दे दिया है। जब उन्होंने इन्कार किया तो धमकाया कि जांच चल रही है, जब तक पूरी नहीं होती घर से न निकलना।
इसके बाद 21 सितंबर तक तीन बार में उनके खाते से 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों ट्रांसफर करा लिए। इस दौरान दिन में छह से सात घंटे तक वीडियो काल पर आनलाइन रखा।
इस अवधि में सिर्फ एक बार घर से बाहर सब्जी लेने के लिए जाने दिया। किसी को भी जानकारी देने पर जेल भेजने की चेतावनी दी, जिस कारण उन्होंने किसी से चर्चा नही की।
मंगलवार शाम काल कटने के बाद उन्होंने रिश्तेदारों को इस बारे में बताया, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराई। सीओ साइबर सेल शुभम वर्मा ने बताया कि सुरेंद्र के खाते में 10 लाख 88 हजार रुपये शेष हैं, जिन्हें होल्ड कर दिया गया है, जांच की जा रही है।
