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बंद रेलवे क्रासिंग पर मौत से खेल! 10 सेकेंड की जल्दबाजी पड़ रही भारी, आरपीएफ की लापरवाही से बढ़ रहे हादसे

Published: Mon, 26 Oct 2026 08:22 PM (IST)

शाहजहांपुर में लोग बंद रेलवे क्रासिंग पर जान जोखिम में डालकर ट्रैक पार कर रहे हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे ...और पढ़ें

शाहजहांपुर में मोक्षधाम सड़क पर बंद रेलवे क्रासिंग से बाइक निकालते लोग। जागरण

शाहजहांपुर में मोक्षधाम सड़क पर बंद रेलवे क्रासिंग से बाइक निकालते लोग। जागरण

HighLights

  1. रेलवे क्रासिंग से लेकर जंक्शन तक पर जान जोखिम में डालकर पार किया जा रहा ट्रैक

  2. आये दिन हो रहे हादसों से भी सबक नहीं ले रही आरपीएफ, निगरानी की व्यवस्था भी फेल

अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। रेलवे क्रासिंग बंद है, सायरन बज रहा है, ट्रेन आने वाली है... फिर भी बाइक, साइकिल और पैदल लोग रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे।सोमवार अपराहृन करीब एक बजे यह नजारा रोडवेज रेलवे क्रासिंग पर देखने को मिला। अप लाइन पर एक मालगाड़ी आ रही थी लेकिन क्रासिंग पर आरपीएफ का एक भी जवान तैनात नहीं था।

10 सेकेंड की इस जल्दबाजी में यदि जरा सी भी चूक हुई तो जान जाना तय है। सोमवार को जब रेलवे जंक्शन से लेकर रोडवेज, मोक्षधाम आदि रेलवे क्रासिंग के पास पड़ताल की गई ताे बड़ी संख्या में लोग जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए।

रोडवेज फटकिया की बंद रेलवे क्रासिग से निकलते लोग। जागरण

कोई ईयरफोन लगाकर, तो कोई मोबाइल कान में लगाकर बिना किसी रोक-टोक के निकल रहे थे। जबकि एक दिन पहले ही बरेली जंक्शन पर अधिवक्ता की ट्रेन की चपेट में आने से मृत्यु हो गई।

शाहजहांपुर में भी जनवरी से अब तक 15 से अधिक लोगों की अलग-अलग स्थानों पर ट्रेन की चपेट में आने से जान चली गई। रेल पटरी पार करने पर जुर्माने से लेकर छह माह की सजा तक का प्रावधान है।

रोडवेज फटकिया की बंद रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन निकलते के दौरान खड़े लोग। जागरण

नियमों का पालन कराने व कार्रवाई करने की जिम्मेदारी आरपीएफ पर हैं, लेकिन न तो प्रभावी निगरानी हो रही है और न ही नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई। हादसा होते ही वही पुरानी ढर्रे वाली व्यवस्था शुरू हो जाती है।

मंडल रेल प्रबंधक से लेकर तमाम जांच अधिकारी घटनास्थल तक दौड़ते हैं। आरपीएफ दो दिन तक सख्ती दिखाती है। फिर वही पुराने ढर्रा पर व्यवस्था चलने लगती है।

पांच लोगों की चली गई थी जान

24 दिसंबर को रोजा जंक्शन के पास पटरी पार करते समय बाइक सवार दंपती उनके दो बच्चों समेत पांच लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से जान चली गई थी।

रोडवेज रेलवे की बंद फटकिया से निकलते लोग। जागरण

जबकि 28 सितंबर को तिलहर में रेलवे ट्रैक पर दो महिलाएं वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गईं थी जिसमे फिरोजपुर गांव निवासी मुन्नी देवी की मृत्यु हो गई थीं। उनकी 10 बकरियाें की भी जान चली गई थी।

सिर्फ 60 लोग के काटे गए चालान

आरपीएफ ने जनवरी से अब तक सिर्फ 60 लोगों से रेलवे ट्रैक पार करने पर जुर्माना वसूल किया। जबकि गत वर्ष सिर्फ 75 चालान काटे गए थे। जिसमे 48 पैदल निकलने वाले व 27 दोपहिया वाहन चालक शामिल थे।

रोडवेज फटकिया की बंद रेलवे क्रासिंग को पार करते लोग। जागरण

6500 रुपये जुर्माना लगाया गया था। जबकि सीतापुर ब्रांच लाइन व लखनऊ दिल्ली लाइन पर करीब 12 रेलवे क्रासिंग हैं। इस वर्ष भी चालान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई लेकिन हादसों पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

यह है नियम

स्टेशन एरिया में ट्रैक पार करते पकड़े जाने पर 500 रुपये का तत्काल में जुर्माना लगता है। जबकि स्टेशन एरिया से बाहर गिरफ्तारी के साथ ही दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। गिरफ्तारी के बाद रेलवे के बरेली स्थित कोर्ट में पेश किया जाता है।

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