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गांव का साइको हैवान: सेवादारों को जिंदा जलाया, कुत्तों-बकरियों तक पर दिखाता था दरिंदगी; कहानी सुन सिहर उठेंगे आप

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:20 PM (IST)

शाहजहांपुर में सुमित नामक व्यक्ति ने दो सेवादारों की हत्या कर उनके शव जला दिए। वह नशेड़ी और आपराधिक प्रवृत्ति ...और पढ़ें

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अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। सेवादार गोपालदास और उनके शिष्य बाबा बिहारी दास की हत्या कर शव जलाने वाला आरोपित सुमित की कहानी सुनकर पूरा गांव सिहर उठा है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पहली वारदात नहीं है, बल्कि सुमित पहले से ही आपराधिक और नशेड़ी प्रवृत्ति का था। उसकी हरकतों से पूरा गांव त्रस्त था।

नशे में धुत रहने वाला सुमित पहले भी हैवानियत की हदें पार कर चुका है। वह कुत्तों से लेकर बकरियों के बच्चों तक को नहीं बख्शता था। ग्रामीणों के अनुसार, सुमित की हरकतें सामान्य नहीं थीं। उसके डर से लोग अपनी बकरियों और अन्य पशुओं के बच्चों को घरों के अंदर छिपाकर रखते थे।

सुमित ने 2020 में बाबा सत्यपाल के पडडे की आंख तक फोड़ दी थी, जिसकी प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा, उसने एक बकरी की हत्या कर उसके कई टुकड़े लोगों के घरों के बाहर फेंक दिए थे, लेकिन यह प्रकरण पुलिस तक नहीं पहुंचा।

उसका गुस्सा केवल पशुओं पर ही नहीं, बल्कि इंसानों और उनकी संपत्ति पर भी निकलता था। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात कौशलेंद्र की कार में गत वर्ष आग लगा दी थी। एक पड़ोसी के घर की चौखट को भी जला चुका है।

गांव में उसकी पहचान एक साइको और नशेड़ी के रूप में थी। ग्रामीणों का कहना है कि छोटी-छोटी बात पर आगजनी करना उसकी आदत बन गई थी। जमानत पर जब वह जेल से छूटा, तो ग्रामीणों ने उसके पिता और अन्य स्वजन से विरोध भी जताया था।

अब मंदिर के दो सेवादारों की हत्या और शवों को जलाने की घटना ने उसके अपराध की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को जलाया गया। सुमित को एक दिसंबर को जेल भेजा गया था।

अगस्त में उसके पिता विश्नू ने जमानत करा ली थी। करीब आठ माह तक जेल में रहने के दौरान उसका कई बार अन्य बंदियों से विवाद हो गया था। जेल से छूटने से कुछ दिन पहले ही उसकी बंदियों ने जमकर पिटाई भी कर दी थी।

सुमित ज्यादातर खुद से कमजोर लोगों पर हमलावर होता था। गांव के ही एक अन्य मंदिर पर रहने वाले बाबा सत्यपाल के साथ हैंडपंप के हत्था लेकर हमलावर हो चुका था। ग्रामीणों के विरोध जताने पर उसके स्वजन ने माफी मांगी थी।

इसके अलावा, बाबा बिहारी दास के साथ भी एक बार मारपीट कर चुका था। इसी तरह गांव के कई अन्य बुजुर्गों और बच्चों के साथ भी मारपीट कर चुका है, जिस वजह से उससे हर कोई खफा रहता था।

 

पुलिस ने जब उससे पूछा कि किसी जवान व्यक्ति से विवाद क्यों नहीं करता, तो उसने बताया कि अभी तक ऐसा कोई सामने पड़ा ही नहीं था। ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि सुमित पशुओं के प्रति भी कई बार क्रूरता कर चुका है और आग लगाने की घटनाओं को सबसे ज्यादा अंजाम दिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

- सौरभ दीक्षित, एसपी


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