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45 करोड़ से बना नया नगर निगम कार्यालय, महापौर को निरीक्षण में मिलीं 24 खामियां; CM योगी से TAC जांच की मांग

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:21 PM (IST)

शाहजहांपुर की महापौर अर्चना वर्मा ने 45 करोड़ रुपये के नए नगर निगम कार्यालय में 24 खामियां मिलने के बाद ...और पढ़ें

शाहजहांपुर में ककराकलां स्थित नगर निगम का नया कार्यालय। जागरण

शाहजहांपुर में ककराकलां स्थित नगर निगम का नया कार्यालय। जागरण

HighLights

  1. मुख्यमंत्री को लिखा पत्र लिखकर टीएसी जांच कराकर कार्रवाई कराने की उठाई मांग

  2. रेलिंग टूटी होने के साथ ही टायल्स भी लगे ऊंचे-नीचे, कई अन्य कमियां भी गिनाईं

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। 45 करोड़ रुपये की लागत से ककरा में निर्माणाधीन कार्यालय में नगर निगम प्रशासन ने कामकाज शुरू कर दिया। इसके साथ ही इसे बनाने में हो रहीं गड़बड़ियां भी सामने आने लगी है। महापौर अर्चना वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करते हुए तकनीकी समिति से जांच कराने की मांग की है। ताकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो सके।

तीन वर्ष अतिरिक्त समय मिलने के बाद भी नगर निगम कार्यालय का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने आधे अधूरे भवन में 24 अगस्त से कार्यालयों का संचालन शुरू कर दिया।

महापौर अर्चना वर्मा नवरात्र में नए कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उन्होंने जब मुख्य अभियंता व पार्षदों के साथ निरीक्षण किया तो खामियां सामने आ गईं। फर्श पर लगे टायल्स ऊंचे-नीचे मिले तो कहीं रेलिंग ही टूटी हुई थी।

Government Building_ प्रमुख खामियां Infographic

मुख्य द्वार के बाहर रंग रोगन की गुणवत्ता खराब व लिफ्ट के गड्ढे में पानी भरा मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे भवन की टीएसी (तकनीकी) जांच कराने व कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

महापौर ने कहा कि जो खामियां मिलीं है वह क्षम्य नहीं हैं। वहीं सीएंडडीएस के सहायक अभियंता सुशील कुमार ने बताया कि अभी निर्माण कार्य चल रहा है। सभी खामियां दूर कराकर ही कार्यालय हैंडओवर किया जाएगा।

बार-बार बढ़ाया गया समय, लगाया अर्थदंड

वर्ष 2021 में नगर निगम के नये कार्यालय का निर्माण कार्य सीएंडडीएस की देखरेख में शुरू कराया गया था जो 28 फरवरी 2023 तक हो पूरा कराया जाना था लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

समयावधि बढ़ाकर अप्रैल 2024 तक कर दी गई। उसके बाद करीब पांच बार और समयसीमा बढ़ाई गई। अर्थदंड भी लगाया गया लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो रहा।

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