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शाहजहांपुर में 'सिस्टम' की दोहरी नीति: अधिकारियों के बंगले चमचमा रहे, कर्मचारियों के सिर पर मंडरा रहा मौत का साया

Published: Thu, 01 Oct 2026 04:26 PM (IST)

शाहजहांपुर में अधिकारियों के बंगले भव्य हैं, वहीं कर्मचारियों को जर्जर और खतरनाक आवासों में रहने को मजबूर होना पड़ ...और पढ़ें

जर्जर शिक्षक कालानी के आवास। जागरण

जर्जर शिक्षक कालानी के आवास। जागरण 

HighLights

  1. जर्जर शिक्षक कालोनी, डीएम कंपाउंड, सदर थाने की दीवार समेत कई जगह बरसात में बढ़ गया खतरा

अजयवीर सिंह, शाहजहांपुर। शहर की आफिसर कालोनी में अधिकारियों के भव्य बंगले हैं, जिनकी मेंटीनेंस पर हर साल भारी खर्च होता है। हालांकि, इन अधिकारियों के कर्मचारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। जर्जर हो चुके आवासों की स्थिति पर न तो अधिकारियों का ध्यान है और न ही नगर निगम या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का।

तेज बारिश के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जर्जर आवास गिर गए, लेकिन सरकार द्वारा निर्मित इन भवनों की खस्ताहाली पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। कलक्ट्रेट के निकट शिक्षक कालोनी की दीवारों में पेड़ उग आए हैं, जबकि सदर थाने की दीवार गिरने की कगार पर है।

शिक्षक कालोनी में ओपन जिम के पास जर्जर आवास। जागरण

नगर निगम और जिला प्रशासन का सर्वेक्षण और नोटिस जारी करना ही इस समस्या का समाधान नहीं है। शिक्षक कालोनी में रविवार को पड़ताल की गई, जहां अधिकांश शिक्षक अवकाश पर थे।

आवासों की दीवारों पर उगे पेड़, टूटे प्लास्टर और दरारें देखकर उनके चेहरों पर चिंता की लकीरें स्पष्ट थीं। सरकारी सिस्टम का हिस्सा होने के कारण वे अपनी बात खुलकर नहीं कह पा रहे थे।

डीएम कंपाउड के जर्जर आवास। जागरण

ओपन जिम के पास स्थित आवासों की स्थिति सबसे खराब है, जहां कई फीट ऊंचे पीपल और पाकड़ के पेड़ उग आए हैं। इनकी जड़ें दीवारों में फैलती जा रही हैं।

जिला विद्यालय निरीक्षक हर दिन इन आवासों के पास से गुजरते हैं, लेकिन सुधार की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। सदर थाने के मुख्य गेट के पास एक जर्जर आवास गिर गया, जिसका मलबा अपराध निरीक्षक के कार्यालय तक पहुंच गया।

सदर थाने में प्रभारी निरीक्षक के आवास की जर्जर दीवार। जागरण

थाना परिसर में प्रभारी निरीक्षक के आवास की दीवार भी गिरने की कगार पर है। डीएम कंपाउंड के आवासों की स्थिति भी चिंताजनक है। बिजली उपकेंद्र के निकट कई आवासों के प्लास्टर टूट चुके हैं और दीवारों में दरारें हैं।

बरसात और तेज हवा में इन आवासों में रह रहे लोग सहम जाते हैं। कर्मचारियों ने कई बार आवासों की मरम्मत और नए आवास आवंटन की मांग की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सिंचाई और बिजली विभाग की कालोनियों के जर्जर आवास भी गिरते जा रहे हैं।

Municipal Numbers Game Infographic

नगर निगम के मुख्य अभियंता निर्माण, आशीष त्रिवेदी ने बताया कि नोटिस जारी किए गए हैं। जिन आवासों की स्थिति सबसे खराब है, उन्हें नगर निगम प्रशासन अपने स्तर से ध्वस्त कराएगा।

डीएम कंपाउंड में कई वर्ष पहले 40 से अधिक आवास निष्प्रयोज्य घोषित किए गए थे, लेकिन उनका ध्वस्तीकरण अब तक नहीं किया गया है। इसी तरह, राजकीय इंटर कालेज के पुराने छात्रावास के जर्जर आवासों की भी सुध नहीं ली जा रही है।

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