ट्रेन का झूठा दिलासा देकर ट्रैक्टर से 611 किमी ले जा रहा था ठेकेदार, गंगा एक्सप्रेसवे पर उजड़ गया परिवार
ठेकेदार ने ट्रेन का वादा कर मजदूरों को 611 किमी ट्रैक्टर से जौनपुर ले जा रहा था, तभी गंगा एक्सप्रेसवे ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे हाईवे पर टक्कर से क्षतिग्रस्त डीसीएम जागरण आर्काइव
HighLights
संभल से मजदूरी के लिए जौनपुर जाते समय गंगा एक्सप्रेस वे पर देर रात ट्रक ने मारी थी टक्कर
गढ़िया रंगीन व मदनापुर पुलिस के बीच देर रात तक चला सीमा विवाद, जलालाबाद पुलिस भी पहुंची थी
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जौनपुर में काम कराने के लिए संभल निवासी ठेकेदार मजदूरों को ट्रेन से ले जाने का भरोसा देकर ट्रैक्टर से 611 किमी का सफर करा रहा था। गंगा एक्सप्रेस वे पर इस यात्रा के दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी।
हादसे में पिता और उनकी छह वर्षीय बेटी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि पत्नी, बेटा समेत चार लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर भी तेज रफ्तार में था।
संभल के मोहम्मदपुर निवासी गिरीश चंद्र मजदूरी करते थे। उनके परिचित ठेकेदार कौसर जौनपुर में ईंट भट्ठे समेत कई जगह निर्माण कार्य के ठेके लेता है।
काम कराने के लिए वह संभल से ही मजदूरों को वहां ले जाता है। बुधवार को गिरीश चंद्र ने भी कौसर के साथ जाने की योजना बनाई थी। वह पत्नी सोमवती, छह वर्षीय बेटी निहारिका और बेटे ऋषभ को भी साथ ले जा रहे थे।
सोमवती ने बताया कि कौसर ने पहले ट्रेन से ले जाने की बात कही थी। तैयारी पूरी होने के बाद उसने सभी को ट्रैक्टर पर बैठा लिया। पीछे मिक्सर मशीन भी बंधी थी। लंबा सफर होने के कारण उन्होंने ट्रैक्टर से जाने से मना किया।
मगर, कौसर ने कई जगह रुककर आराम से जौनपुर पहुंचाने का भरोसा दिया। इसके बाद सभी ट्रैक्टर पर बैठ गए। उनके साथ बिचैली गांव निवासी हसनैन भी थे। रास्ते में सभी बारी-बारी से ट्रैक्टर चला रहे थे।
देर रात गंगा एक्सप्रेस वे पर मदनापुर के गिरधरपुर गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। हादसे में गिरीश चंद्र और उनकी बेटी निहारिका की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सोमवती और उनके बेटे ऋषभ समेत चार लोग घायल हुए। हादसे के बाद जलालाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि घटनास्थल जलालाबाद क्षेत्र में नहीं था।
इस कारण मदनापुर और गढ़िया रंगीन पुलिस के बीच काफी देर तक सीमा को लेकर विवाद चलता रहा। अंत में मदनापुर पुलिस ने पंचनामा समेत आगे की कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि ट्रक की तलाश की जा रही है।
पता ही नहीं चला, कब हादसा हो गया
सोमवती और उनके स्वजन ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर की रफ्तार भी तेज थी। रात में उन्हें पता ही नहीं चला कि हादसा कब और कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि यदि ट्रैक्टर से ले जाने के लिए दबाव नहीं बनाया गया होता तो उनका सुहाग नहीं उजड़ता।
