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शाहजहांपुर: पक्के मकान का सपना पड़ा अधूरा, पहली किस्त के बाद अटकी दूसरी, पन्नी के सहारे रहने को मजबूर गरीब

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:02 PM (IST)

शाहजहांपुर में पीएम आवास योजना 2.0 के तहत हजारों लाभार्थियों के पक्के मकान का सपना अधूरा है, क्योंकि उन्हें दूसरी ...और पढ़ें

शाहजहांपुर के श्यामगंज गौटिया में आशा का छप्परनुमा मकान और शांतिपुरम कालोनी में नसरीन के मकान में लिंटर न पड़ने से बांधी गई पन्नी । जागरण

शाहजहांपुर के श्यामगंज गौटिया में आशा का छप्परनुमा मकान और शांतिपुरम कालोनी में नसरीन के मकान में लिंटर न पड़ने से बांधी गई पन्नी । जागरण

HighLights

  1. पीएम आवास 2.0 में 5756 लाभार्थियों को मिली पहली किस्त, 2790 को अब तक एक भी किस्त नहीं

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पक्के घर की उम्मीद में गरीब परिवारों ने अपने पुराने आशियाने छोड़कर नए मकान का निर्माण शुरू कराया, लेकिन किस्तों के इंतजार में कई घरों की दीवारें तो खड़ी हो गईं, छत नहीं पड़ सकी। किसी ने अधूरे मकान पर पन्नी तान ली तो किसी ने टीनशेड के नीचे परिवार के लिए अस्थायी इंतजाम किया है।

बरसात के बीच इन परिवारों की मुश्किल और बढ़ गई है। जागरण ने वार्ड 30 जलालनगर बाहर चुंगी गदियाना और वार्ड पांच चिनौर के श्यामगंज गौटिया में लाभार्थियों के घर पहुंचकर स्थिति देखी तो योजना की जमीनी तस्वीर सामने आई।

जलालनगर बाहर चुंगी गदियाना निवासी नसरीन का मकान दूसरी किस्त के इंतजार में अधूरा पड़ा है। पहली किस्त से दीवारें खड़ी हो गईं, लेकिन छत का काम नहीं हो सका। बरसात से बचाव के लिए परिवार को पन्नी का सहारा लेना पड़ रहा है।

पानी टपकने के साथ ही घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की चिंता बनी रहती है। नसरीन की बहू फूलबी ने बताया कि पहली किस्त से जितना निर्माण संभव था, करा दिया। अब दूसरी किस्त मिले तो मकान पूरा कराया जा सके।

इसी मुहल्ले की नन्ही देवी के परिवार की परेशानी भी कम नहीं है। पक्का मकान बनने की उम्मीद में पुराने आशियाने से निकलने की स्थिति बनी, लेकिन नया घर पूरा नहीं हो सका। परिवार बड़ा होने के कारण एक कमरा किराये पर लेना पड़ा है। अधूरे मकान में पन्नी के सहारे बरसात काटना पड़ रहा है।

श्यामगंज गौटिया में भी छत का इंतजार

वार्ड पांच चिनौर के श्यामगंज गौटिया निवासी कामिनी सिंह के मकान की दीवारें बन चुकी हैं, लेकिन अभी लिंटर नहीं पड़ा है। परिवार ने रहने के लिए टीनशेड डलवा लिया है। कामिनी का कहना है कि दूसरी किस्त मिलने के बाद ही निर्माण आगे बढ़ सकेगा।

इसी मोहल्ले की आशा के घर पर छप्पर पड़ा मिला। दरवाजा टूटा था और तिरपाल पर्दे का काम कर रही थी। उन्होंने बताया कि योजना से पक्का मकान बनने की उम्मीद थी, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने से निर्माण रुक गया।

परिवार के पास इतना पैसा नहीं है कि सरकारी सहायता के बिना मकान पूरा करा सके। बरसात में बच्चों और सामान को सुरक्षित रखना चुनौती बना हुआ है।

बड़ी संख्या में लाभार्थी किस्त के इंतजार में

वर्ष 2024 में शुरू हुई योजना के तहत जिले में 85,393 आवेदन मिले। इनमें 8,545 लाभार्थियों की डीपीआर स्वीकृत हुई। 5,756 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।

वहीं 2,790 लाभार्थियों को अब तक एक भी किस्त नहीं मिली है। ऐसे में निर्माण शुरू कर चुके परिवारों के लिए समय पर अगली किस्त मिलना बेहद जरूरी है।

सहायक परियोजना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में डीपीआर स्वीकृति के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किस्त जारी की जाती है। जिन लाभार्थियों की किस्त लंबित है, उनके प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।

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