जेएनएन, शाहजहांपुर : डिरेलमेंट के बाद देर रात तक ट्रैक मेंटीनेंस के साथ ही हादसे की वजह जानने के लिए अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल पर डटे रहे। करीब नौ बजे तक अधिकारियों ने ज्वाइंट रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई थी। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से पहुंचे एडीआरएम ने भी मौके पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की।

डाउन लाइन से यार्ड लाइन पर जाते समय पटरी से उतरे तीन डिब्बों की मामले की जांच कर रहे कैरिज एंड वैगन, रेल पथ सहित अन्य विभाग अपनी-अपनी कमियां छिपाने में जुटे है। इसे लिए देर रात तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। क्योंकि रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी व कार्रवाई तय होगी। ज्वाइंट रिपोर्ट को कैरिज एंड वैगन के रामनाथ, यातायात निरीक्षक श्रीकांत सिंह, वरिष्ठ लोको निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, वरिष्ठ अभियंता रेल पथ अरुण कुमार तैयार कर रहे है।

चालक का कराया गया मेडिकल

मालगाड़ी के चालक सूर्य प्रकाश व सहायक चालक नवीन कुमार का हादसे के बाद मेडिकल कराया गया। प्रथम दृष्टिया एल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है। फिर पूरी तरह से स्पष्ट पांच दिन बाद आने वाली रिपोर्ट से ही तय होगा।

यार्ड में पहुंचे डिब्बे

देर रात करीब आठ बजे तीनों डिब्बों को पटरी पर लाने के बाद उन्हें यार्ड में भिजवा दिया गया। जबकि इंजन सहित 24 डिब्बे करीब डेढ़ बजे ही यार्ड में भेज दिए गए थे।

27 डिब्बों में थी 135 कार

मालगाड़ी में 27 डिब्बे थे। प्रत्येक डिब्बे में पांच-पांच कार लोड थी। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक शिव दयाल मीणा ने बताया कि यार्ड में खड़े डिब्बों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई गई है। इसके अलावा खुद भी इसकी मॉनीटरिग करते रहेंगे।

Posted By: Jagran

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