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सरकारी स्कूलों में अनधिकृत एंट्री और 10-पॉइंट ऑडिट पर रोक, बाल संरक्षण आयोग का DM को सख्त निर्देश

Published: Wed, 09 Sep 2026 09:49 PM (GMT+05:30)

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सरकारी विद्यालयों में अनाधिकृत प्रवेश और 10-पॉइंट ऑडिट पर रोक लगाने का निर्देश ...और पढ़ें

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HighLights

  1. आल इंडिया एनपीए एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने दर्ज कराई थी शिकायत

  2. आयोग की रजिस्ट्रार ने जारी किया डीएम को पत्र, जांच कराकर आख्या भेजने को भी कहा

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। सरकारी विद्यालयों में 10 प्वाइंट आडिट पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन (एआइएनपीएसईएफ) की शिकायत पर आयोग की रजिस्ट्रार डाॅ. सुधा चौधरी ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।

उन्होंने शिकायत में लगे आरोपों की जांच कराने के साथ ही स्थिति से अवगत भी कराने को कहा है। काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गत माह राजस्थान सहित विभिन्न स्थानों पर सरकारी विद्यालयों में 10 प्वाइंट आडिट अभियान शुरू किया था। जिसको लेकर एआइएनपीएसईएफ ने विरोध शुरू किया था।

संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंकुर त्रिपाठी ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में भी शिकायत करते हुए हस्तक्षेप की मांग की थी। इस बीच शिक्षक दिवस पर समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में समायोजन के तहत बंद हुए विद्यालयों में विरोध प्रदर्शन किया।

मदनापुर के विद्यालय में नारेबाजी पर वहां के प्रधानाचार्य ने 21 सपाइयों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दो दिन पूर्व फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश अध्यक्ष अंकुर त्रिपाठी प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग के सदस्य सचिव डाॅ. संजीव शर्मा से दिल्ली में मिले थे।

उनसे विद्यालयों में अनाधिकृत निरीक्षण पर रोक को लेकर गाइडलाइन जारी करने की मांग की थी। अब आयोग की रजिस्ट्रार डा. सुधा चौधरी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अंकुर की शिकायत का उल्लेख करते हुए कहा है कि सरकारी विद्यालयों में राजनीतिक संगठन 10 प्वाइंट आडिट व सर्वेक्षण के नाम पर प्रवेश कर रहे हैं।

निरीक्षण, फोटो, वीडियोग्राफी के साथ ही विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी एकत्र कर रहे हैं। जिससे विवाद की स्थिति बन रही है। उन्होंने जिलाधिकारी को इस पर रोक लगाने के साथ ही शिकायत के आधार पर जांच करने आयोग और शिकायतकर्ता को अवगत कराने के लिए कहा है।

ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर मैनुअल 2021 के प्रावधानों के पालन, विद्यालयों में भी सुरक्षा प्रोटोकाल में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने पर जोर दिया है।

 

विद्यालय राजनीतिक गतिविधियों, शक्ति प्रदर्शन या निजी आाडिट का केंद्र नहीं हो सकते। बाल अधिकार संरक्षण आयोग का यह कदम सीजेपी नहीं बल्कि राजनीतिक दल या बाहरी संगठन की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है। यह सिर्फ शाहजहांपुर के विद्यालयों का विषय नहीं है। बल्कि अन्य जनपदों व राज्यों में भी इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा, निजता और भयमुक्त वातावरण किसी भी बाहरी गतिविधि से ऊपर है।

- अंकुर त्रिपाठी, राष्ट्रीय प्रवक्ता व प्रदेश अध्यक्ष एआइएनपीएसईएफ


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