जेएनएन, शाहजहांपुर : जीएफ कॉलेज मे हिदी विभाग और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सीपीई योजना के तहत आयोजित 20वीं शताब्दी का भारतीय साहित्य और राष्ट्रीय आंदोलन विषयक सेमिनार के अंतिम दिन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरि़फ न•ाीर ने मुख्य व्याख्यान दिया। कहा कि वेद, पुराण, रामायण, महाभारत का भारतीय संस्कृति व भारतीयता के प्रमुख ग्रंथ हैं। देश को सांस्कृतिक दृष्टि से सबल बनाने में महापुरुषों व विद्वानों का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से भारतीय जनता में नए प्रकार की चेतना आई। सत्य, अहिसा, शांति, मानवता, प्रेम, सहिष्णुता, सछ्वाव, सौहार्द, एकता, मेल-जोल व विश्व बंधुत्व पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि निश्चय ही इससे भारत की सांस्कृतिक उन्नति हुई है। कार्यक्रम अध्यक्ष महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जमील अहमद ने स्वतंत्रता आंदोलन व भारतीय इतिहास पर प्रकाश डाला। कहा कि स्वतंत्रता के महायज्ञ में समाज के प्रत्येक वर्ग ने बलिदान दिया। साहित्कार और लेखकों ने भी फर्ज निभाया। आयोजन सचिव डॉ. ़फैया•ा अहमद ने रचनात्मक हस्तक्षेप, सृजन पर विचार दिए। डॉ. जीए कादरी, डॉ. रईस अहमद, डॉ. मनसूर सिद्दी़की, डॉ. आयशा •ोबी, डॉ. नीलम टंडन, डॉ. स्वप्निल यादव, अनिमेष मिश्रा आदि ने भी शोधपत्रों का वाचन किया। संचालन डॉ. काशि़फ नईम तथा डॉ. परवे•ा मुहम्मद ने किया।

सूबी, अभिषेक सर्वश्रेष्ठ शोध के लिए पुरस्कुत

राष्ट्रीय सेमिनार में शोधाíथयों में लखनऊ की सूबी गुप्ता, छात्रों में अभिषेक ठाकुर को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र प्रस्तुतिकरण के लिए मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया। इससे पूर्व मुख्य वक्ता प्रोफेसर आरिफ न•ाीर को को पुष्प गुच्छ, स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। प्रदान कर तथा शाल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया गया।

Posted By: Jagran

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