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शाहजहांपुर: जनता एक्सप्रेस रोककर रोजा जंक्शन पर बवाल, मंडलीय टीम की जांच के बीच RPF और GRP ने किया किनारा

Published: Mon, 08 Jun 2026 08:50 PM (IST)

रोजा जंक्शन पर जनता एक्सप्रेस रोककर हुए हंगामे और मारपीट की मंडलीय टीम ने जांच की, जिसमें स्टेशन अधीक्षक व ...और पढ़ें

रोजा स्टेशन पर होती मारपीट और इस दौरान घायल युवक, मारपीट के बाद मची अफरा-तफरी

रोजा स्टेशन पर होती मारपीट और इस दौरान घायल युवक, मारपीट के बाद मची अफरा-तफरी

HighLights

  1. लखनऊ में पथराव के बाद रोजा जंक्शन पर ट्रेन रोककर किया गया था हंगामा और मारपीट

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। जनता एक्सप्रेस को रोजा जंक्शन पर रोककर हंगामा व मारपीट प्रकरण में मंडलीय टीम ने जांच की। स्टेशन अधीक्षक, यातायात निरीक्षक आदि से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी जबकि आरपीएफ व जीआरपी के स्तर से 24 घंटे से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी कार्रवाई करने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि इस मामले में कोई तहरीर ही नहीं आई है।

लखनऊ के आलमनगर स्टेशन पर वाराणसी से देहरादून जा रही जनता एक्सप्रेस के लोको पायलट राजेंद्र कुमार से यात्रियों को बैठाने को लेकर कुछ लोगों ने मारपीट व पथराव किया था। जिसमे राजेंद्र घायल भी हो गए थे। नरमू के पदाधिकारियों को जब इस मामले की जानकारी हुई तो वह बड़ी संख्या में रोजा जंक्शन पर विरोध जताने पहुंच गए थे।

रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया था। जनता एक्सप्रेस जब रोजा जंक्शन पर पहुंचीं तो स्टापेज न होने के बाद भी ट्रेन को रोका गया था। कुछ लोगों ने इस घटना के लिए वेंडरों को जिम्मेदार मानते हुए ट्रेन के अंदर घुसकर भी न सिर्फ हंगामा किया था बल्कि मारपीट भी की गई। जिसमें कन्नौज निवासी संविदाकर्मी इलक्ट्रीशियन रोहताश समेत तीन लोग घायल हो गए थे।

आरपीएफ व जीआरपी के सिपाहियों से भी नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई थी। जिसके वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए थे। इस तरह के हंगामे की वजह से यात्री भी सहम गए थे। करीब 20 मिनट बाद ट्रेन को रवाना गया था। मामला मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों तक पहुंचा।

डीआरएम विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर मुख्य कार्मिक अधिकारी मुरादाबाद मंडल अभिषेक ठाकुर, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता अमित कुमार ने यहां पहुंचकर प्रकरण की जानकारी ली। स्टेशन अधीक्षक, खुफिया विभाग की टीम, यातायात निरीक्षक आदि से रिपोर्ट मांगी। जबकि आरपीएफ व जीआरपी के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दोनों विभाग के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि जब कोई कार्रवाई के लिए तहरीर ही नहीं दे रहा है तो कार्रवाई किस पर की जाए। जबकि इस तरह हंगामा होने पर विभाग की तरफ से भी कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन उस जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है।

 

जो विवाद हुआ था वह निपट चुका है। इसलिए इस मामले में कोई कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। लखनऊ में हुए विवाद प्रकरण में जो भी होना होगा वह वहीं से होगा।

- अमित भगवत मिश्रा, अध्यक्ष, नरमू

 

विवाद के दौरान रेलवे की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस मामले में कोई लिखित शिकायत भी नहीं आई है।

- जितेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ

 

रोजा रेलवे स्टेशन पर विवाद हुआ था लेकिन इस मामले में कोई तहरीर नहीं आई है। जिस वजह से इस प्रकरण में अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

- रामाकर यादव, प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी


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